ईर्ष्या की राजनीति कर रहा विपक्ष


पटना : जदयू प्रवक्ता सह विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने आज विभिन्न मुद्दों को लेकर मीडिया में अपना पक्ष रखा। उन्होंने सवाल किया कि मोदी जी को लेकर 2019 में के लिए नीतीश जी की तारीफ पर शरद जी नाराज है? जदयू की स्पष्ट समझ बनी कि बिना किसी ठोस कार्यक्रम बिनी किसी नीति बिना नेतृत्व के देश में विकल्प बनाने की कोशिश की जा कर रही है जो आने वाले समय में दुर्गति का कारण बनने वाला है।

ऐसे में हमने महसूस किया कि मौजूदा सियासी हालात में माननीय नरेंद्र मोदी जी को चुनौती देने की क्षमता किसी में दूर-दूर तक नहीं दिख रही है। विपक्ष केवल राजनीति तिकड़म और ईर्ष्या के सहारे राजनीति कर रहा है जिसका परिणाम घातक साबित होगा। माननीय शरद जी देश की सियासत में एक मिसाल हैं, उनका इतिहास भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे का रहा है। और मुझे आशा है कि उनका भविष्य भी इसी सिद्धांतो पर टिका रहेगा। श

रद जी आगे जो भी फैसला लेंगे अपने पिछले इतिहास और छवि को देखते हुए ही लेंगे। उन्होंने पूछा कि बिहार में हुए प्रशासनिक तबादले पर विरोध आवाज उठा रहे हैं। सुशासन ही हमारी सरकार की पहचान रही है। हमारे पूर्व के सहयोगी ने राजनीति को जनसेवा नहीं बनाया बल्कि प्रॉपटी कलेक्शन सेंटर बना रखा था। पिछली सरकार में राजद के लोग अधिकारियों को डराने का काम करते थे लेकिन हमारी पार्टी और सरकार पूरी तरह अधिकारियों के साथ खड़ी रही।

कभी किसी को भी व्यवस्था अथवा कानून से समझौता करने का मौका हमने नहीं दिया। ऐसे में जब आज रुटिन तबादले हो रहे हैं तो राजद के लोगों की बैचेनी स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि भाई विरेंद्र ने नीतीश कुमार को लेकर अपनी जान पर खतरा बता या है। तो भाई विरेंद्र एक विधायक है और हर वक्त उनके साथ तीन सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। शहाबुद्दीन जैसे कुख्यात जिस पार्टी के आइकॉन रहे हैं उस पार्टी के नेता को भला किसी से डरने की क्या जरुरत।

अगर भाई विरेंद्र लालू जी को अपना आदर्श मानकर सियासत को नाजायज व्यवसाय का अड्डा बना रहे थे तो स्वाभाविक रूप से उनके अंदर कानून का खौफ तो होना ही चाहिए। पुलिस की कार्रवाई बालू माफियाओं के खिलाफ हो रही है और अगर उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है तो फिर ये बैचेनी क्यों हो रही है। उनके अंदर का डर बता रहा है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ को जरूर है।