प्रकाश पर्व को सफल बनाना हमारा कर्त्तव्य


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें प्रकाशोत्सव के समापन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और इससे संबंधित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाइपास स्थित प्रकाश उत्सव के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रहने सहने के लिए बनाए जाने वाले टेंट सिटी का निरीक्षण किया। इस संबंध में उन्होंने पूछा कि कितने दिनों में निर्माण कार्य की तैयारी हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 15 दिन में तैयारी पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि को समतल कीजिए, ब्रिक सोलिंग, फर्श को उडेन बनाइये। मच्छरों से बचाव के लिए नेट का प्रयोग कीजिए।

टॉयलेट, वेंटिलेशन का प्रबंध कीजिए, हर चीज में क्वालिटी मेंटेन कीजिए। पिछले बार की गांधी मैदान में जैसी व्यवस्था थी उसी के समान व्यवस्था इस बार भी की जाए। उन्होनें कहा कि दीवान हॉल वैसा ही बनाइये। इसके लिए अधिकारियों को कहा कि माइक्रो लेबल पर हर एक चीज पर नजर रखिए। बाइपास टेंट सिटी के निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री कंगन घाट पहुॅचे। कंगन घाट पर सौंदर्यीकरण से संबंधित निर्माणाधीन स्ट्रक्चर को प्रकाश पर्व समापन समारोह के पूर्व पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही सौंदर्यीकरण संबंधी भी कई सुझाव दिए। पांच हजार की संख्या वाले दो लंगर को बनाने का निर्देश दिया।

श्रद्धालुओं को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, रास्ते की दूरी कम हो इसके बारे में भी निर्देश दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री तख्त श्री हरमंदिर साहिब पहुॅचे और वहॉ उन्होंने मत्था टेका। तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा कमिटी के प्रबंधक ने मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा प्रबंध कमिटी के ऑफिस स्थित सभा कक्ष में प्रबंधन कमिटी के व्यवस्थापकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री ने प्रबंधन कमिटी से कहा कि प्रकाश पर्व का आयोजन गुरुद्वारा कमिटी को ही करना है, जिसमें हमलोग हर तरह का सहयोग करेंगे। प्रकाशोत्सव के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल हम लोगों को रखना है। यहां लोग बड़ी संख्या में बाहर से आयेंगे, उन्हें कोई दुख तकलीफ न हो और खुश होकर यहॉ से जायें, इसका हम लोगों को ध्यान रखना है। आपलोगों का जो सुझाव हो, उसे दीजिए, अभी समय है उसको पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से 350 वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर राज्य सरकार ने सहयोग किया था, इसबार भी वैसा ही करेगी। चूंकि आप जानते है कि इस वर्ष 2017 में दो प्रकाश पर्व हो गया है। अगर पिछली बार जनवरी में था तो इस बार दिसम्बर में है इसलिए इसको सफल बनाना हमने अपना फर्ज समझा है, कर्तव्य समझा है। यहां बहुत बड़ी संख्या में मत्था टेकने के लिए श्रद्धालु आते हैं। पिछली बार जिस तरह का आयोजन हुआ इसके बारे में पूरे देश में और देश के बाहर दुनिया के अन्य देशों में भी सिख समाज के लोग रहते हैं, उनको यहां के बारे में जानकारी मिली है और जो नहीं भी आये हैं उनके मन में यह उत्सुकता है तो इस बार भी बहुत ज्यादा लोगों के आने की संभावना है।

ऐसी स्थिति में राज्य सरकार पूरे तौर पर जिस तरह के पैटर्न पर सहयोग किया था इस बार भी करेगी। फर्क सिर्फ इतना ही है कि पिछली बार पटना के गांधी मैदान में एक आयोजन किया गया था उसकी आवश्यकता इस बार नहीं है। लेकिन जहां तक बाईपास में टेंट सिटी, दीवान हॉल और फिर कंगन घाट में टेंट सिटी ये सब चीजें जो बननी है ठीक उसी तरह से बनाया जा रहा है। इस बार संख्या कुछ ज्यादा ही सोचकर किया जा रहा है। लंगर की पर्याप्त व्यवस्था हो, आवागमन में कोई असुविधा न हो। इस तरह से जिस प्रकार की व्यवस्था पिछली बार राज्य सरकार के स्तर से की गयी थी इस बार भी की जायेगी और जो गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी है उससे मिलकर चर्चा भी इस संबंध में की गयी है और आज भी बात हुई है।