तेजस्वी बालिग होने पर बने 13 संपत्ति के मालिक


पटना, (वार्ता): बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने एक बार फिर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुल 26 सम्पत्ति के मालिक बने श्री यादव ने 13 सम्पत्ति उस समय हासिल की जब वह बालिग थे। श्री मोदी ने यहां जनता दरबार कार्यक्रम के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरने के बाद श्री यादव की यह दलील की जब उन्हें दाढ़ी मूंछ भी नहीं थी तब वह भ्रष्टाचार कैसे कर सकते थे, इसमें कोई दम नहीं है।

उन्होंने कहा कि श्री यादव को बताना चाहिए कि 26 की उम्र में वह 26 संपत्ति के मालिक कैसे बन गये और उस समय उन्हें दाढ़ी-मूंछ की याद क्यों नहीं आयी जब बेनामी सम्पत्ति उनके नाम की जा रही थी। भाजपा नेता ने कहा कि श्री यादव एवं सात अन्य पर सीबीआई ने आपराधिक साजिश के साथ धोखाधड़ी के लिए धारा 420 तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 13(2) और 13(1) डी के तहत मामला दर्ज किया है।

उन्होंने प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2010 से 2014 के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद्र गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता ने अपनी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एवं तेजस्वी यादव को स्थानांतरित कर दिया, यानी जिस समय उप मुख्यमंत्री कंपनी के मालिक बने वह बालिग थे और उन्हें दाढ़ी-मूंछ थी, वह बिना मूंछ के नहीं थे, जैसा वह दावा करते हैं। श्री मोदी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में 24 वर्ष की उम्र डलाइट मार्केटिंग के शेयर हस्तांतरित किये गये।

उन्होंने कहा कि उस समय डिलाइट को राजधानी पटना में मिली तीन एक जमीन का बाजार मूल्य 94 करोड़ तथा सर्किल रेट 32.05 करोड़ थी जिसे लालू परिवार ने केवल 65 लाख में कब्जे में ले लिया। भाजपा नेता ने कहा कि श्री यादव जब नाबालिग थे, उस समय केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कोटे से मंत्री रही कांति सिंह और रघुनाथ झा की करोड़ों की जमीन सहित मकान दान में स्वीकार करने में उन्हें कोई हिचक नहीं हुई।

उनके नाम गोपालगंज और पटना में कुल 13 संपत्ति निबंधित हैं और यह सभी संपत्ति उस समय रजिस्ट्री करायी गयी जब वह नाबालिग थे। श्री मोदी ने कहा कि दो संपत्ति उस वक्त निबंधित हुई, जब वह मात्र तीन वर्ष के थे। शेष सभी सम्पत्ति उनके नाम तक रजिस्ट्री की गई जब वह नाबालिग थे तथा उनके पिता एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।

उन्होंने कहा कि नाबालिग रहते उन्होंने इतनी संपत्ति इकट्ठा कर ली लेकिन उस समय उन्होंने कभी संपत्ति लेने से इंकार नहीं किया। वहीं, जब श्रीमती गुप्ता ने डिलाइट की तीन एकड़ जमीन 2013-14 में उन्हें सौंपी, तक वह बालिग थे।