रेल यात्री किराए में प्रस्तावित वृद्धि का विरोध


पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने रेल मंत्रालय द्वारा जून 17 से यात्री किराया में 12 प्रतिशत की प्रस्तावित वृद्धि का विरोध किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व विधायक डॉ. हरखु झा ने कहा है कि वर्ष 2014 के अंतिम कार्यकाल में यूपीए-2 की सरकार ने यात्री किराया में 14.2 फीसदी एवं मालभाड़ा में 6.5 फीसदी वृद्धि करने की घोषणा किया था, लेकिन सरकार का कार्यकाल पूरा होने के उपरान्त लागू नहीं हो सका।

मोदी जी सरकार के रेल मंत्री प्रथम सदानंद गौड़ा ने 16 जून 2014 से इसे लागू किया तथा कुछ ही महीनों के बाद सुरेश प्रभु जी ने सुविधा के नाम पर 16 प्रतिशत का किराया और बढ़ा दिया इतना ही नहीं, राजधानी, दुरन्तो, शताब्दी जैसे ट्रेनों में फ्लैक्सी किराया लागू किया गया है और मनमाने ढंग से यात्रियों से किराया वसूली किया जा रहा है ऐसे में फिर से जनता पर सुविधा के नाम पर किराया बढ़ाना उचित प्रतीत नहीं होता पार्टी इसका विरोध करेगी।

डॉ. झा ने कहा है कि इसी वर्ष 87 वर्षों से चले आ रहे रेल विभाग का अस्तित्व समाप्त कर वित्त विभाग के अधीन कर दिया गया भाजपा की सरकार ने जनता के साथ धोखा करने का काम किया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय रेल जनता का लाइफ लाइन है लगभग 10 लाख यात्री प्रत्येक दिन अपने एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए यात्रा करते हैं सरकार को चाहिए कि वाणिज्यक संस्था के रूप में रेल मंत्रालय को काम करने दे।