भाजपा सांसद सिग्रीवाल के निर्वाचन के खिलाफ याचिका खारिज


पटना, (भाषा): पटना उच्च न्यायालय ने बिहार के महाराजगंज संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के वर्ष 2014 में निर्वाचन को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया। सिग्रीवाल से 2014 के लोकसभा चुनाव में हारे राजद प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह ने यह याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि सिग्रीवाल ने अपने नामांकन पत्र में एक आपराधिक मामले (वर्ष 1986 के भगवानपुर थाना के कांड संख्या 46) को छुपाया था।

न्यायाधीश मुंगेश्वर साहु की खंडपीठ ने सिग्रीवाल के वर्ष 2014 में निर्वाचन को चुनौती देने वाली उक्त याचिका को खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान सिग्रीवाल के वकील एसडी संजय ने यह दलील पेश की कि उनके मुवक्किल को उक्त कांड के बारे में जानकारी नहीं थी और उन्होंने पूर्व में चार बार चुनाव लडऩे के समय पेश किए गए हलफनामे में प्रदर्शन से जुड़े सभी लंबित मामलों का खुलासा किया था पर चूंकि उन्हें भगवान बाजार मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं थी इस लिए वे अपने उन नामांकन पत्रों में भी इसका उल्लेख नहीं कर सके थे और 2014 के चुनाव में भी इसका उल्लेख नहीं कर पाए।

संजय ने खंडपीठ के समक्ष यह भी दलील पेश की कि याचिकाकर्ता प्रभुनाथ सिंह द्वारा सिग्रीवाल को उक्त आपराधिक मामले का ज्ञान होने को साबित करने में नाकाम रहे और इसलिए उनका निर्वाचन शून्य घोषित नहीं किया जा सकता। तीन वर्षों से अधिक समय तक चले इस मुकदमे में दोनों पक्षों की मौखिक और दस्तावेजी सबूतों पर विचार करने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि सिग्रीवाल को उक्त आपराधिक मामले का ज्ञान होना साबित नहीं किया जा सका है इसलिए नामांकन पत्र को स्वीकार किए जाने के कोई गलती नहीं हुई थी और इसके अनुसार इस याचिका को खारिज किया जाता है। इस मामले में प्रभुनाथ सिंह का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पी.के. वर्मा और एस. बी. के. मंगलम द्वारा रखा गया।