शरद को राजद समर्थकों का सहारा


पटना, (एजेंसी): बिहार में महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार बनाने को लेकर जदयू में घमासान जारी है। राज्यसभा सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने 10ए 11 और 12 अगस्त को बिहार का दौरा किया लेकिन इस दौरे पर उन्हें आम जनता का समर्थन बहुत ज्यादा नहीं मिला। राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा आम है कि बिहार दौरे पर शरद यादव को जदयू से ज्यादा राजद समर्थकों का साथ मिला। शरद यादव 10 अगस्त को पटना एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन यहां उनकी पार्टी (जदयू) का एक भी झंडा नहीं दिखा।

यहां पर जदयू के प्रमुख चेहरों में सिर्फ पूर्व मंत्री रमई राम ही दिखे। पटना के बाद शरद यादव सीधे सोनपुर रवाना हो गए। इस घटना को कवर कर रहे ईटीवी रिपोर्टर अबिनाश के मुताबिक हाजीपुर के रामाशीष चौक पर उनकी सभा में 500 समर्थकों की भीड़ दिखी लेकिन इस सभा में राजद समर्थक ही ज्यादा नजर आएं। शरद यादव के साथ राजद के सोनपुर के विधायक रामानुज प्रसाद और उनके समर्थक दिखे इसके बाद शरद यादव ने सराय, भगवानपुर, कुढ़ानी, रामदयाल नगर और भगवानपुर चौक का दौरा किया जहां कम संख्या में समर्थक साथ दिखे।

हालांकि इन मौकों पर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा दिखा। शरद यादव रात में मुजफ्फरपुर में रुके और फिर 11 अगस्त को मुजफ्फरपुर, दरभंगा के कई इलाकों का दौरा किया और फिर 12 अगस्त को मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा का दौरा किया जहां समर्थकों की ज्यादा भीड़ नहीं दिखी। शरद के काफिले में हालांकि 6.7 गाडिय़ां जरूर दिखी। जदयू के महासचिव के. सी. त्यागी ने सोमवार को दावा किया कि शरद यादव के साथ पार्टी के 71 विधायकों में से एक का भी साथ नहीं मिला।

उधर शरद यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि अभी तो मैंने एक ही राज्य का दौरा किया तो 21 लोगों को उन्हें निकालना पड़ा है। आगे सभी राज्यों का दौड़ा करुंगा।  गिनते गिनते और निकालते निकालते उनकी उंगलियां ऌफट जाएगी। जमीन पर लोग हमारे साथ हैं। बातों से नहीं बल्कि एक्शन में जवाब दूंगा।