श्रावणी मेला अपने शबाब पर पहुंचा


देवघर : सावन के पावन मास में बासुकीनाथ की अदभूत छटा देखते ही बनती है श्रद्धालुओं की मेजबानी में कोई कमी नहीं रह जाए। उसके लिए बिलासपुर छत्तीसगढ़ के रंजीत कुमार नट अपने पुश्तैनी कला चलता-फिरता सर्कस के माध्यम से मेले में करतब दिखाकर भक्तों का मनोरंजन कर रहे हैं। सर्कस देख रहे अलग-अलग प्रांतों के श्रद्धालु रंजीत के पुत्र वीर और पुत्री पूजा के हैरतअंगेज स्टंट देखकर दंग रह गए।

हफ्ते भर के सफर में श्रावणी मेला अपने शबाब पर पहुंच गया है। भक्तों पर भांग गांजे की मस्ती छाई हुई है। गांजे की खुशबू से श्रद्धालु तर है गांजा की महिमा गांजा स्त्रोत पढ़कर बताई जा रही है भांग गांजा व धतूरा के शौकीन भगवान शंकर की नगरी मे गांजा की धूम मची हुई है।

आज मंगलवार पौ फटते ही श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतार देखी गई कांवरिया लाइनिंग सैड शिवगंगा से पानी टंकी तक भक्तों का सैलाब नजर आ रहा था भीषण गर्मी और उमस में भक्तों की परेशानी सहज ही देखी जा सकती थी लाइनिंग सेड में कांवरियों को शरबत और पानी नि:शुल्क वितरित किया जा रहा था भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात थे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी शिविर में जरूरतमंद भक्तों की सेवा में लगे हुए थे शिवगंगा को एनडीआरएफ के हवाले कर दिया गया था निर्विघ्न रूप से मेला के संचालन हेतु जिले के आला अफसरों की टीम मंदिर में कैंप किए हुए है।

मुख्यमंत्री से श्रावणी मेला पर चर्चा कर लौटे जरमुंडी विधायक बादल पत्रलेख बासुकीनाथ पहुंचे, यहां पहुंच कर उन्होंने सार्वजनिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस अधीक्षक मयूर पटेल के साथ गुफ्तगं की। मेला के पूर्व विधायक बादल ने सै रात व्यवस्था को समाप्त करने की वकालत की थी जो अब उनके गले की हड्डी बन गई है। मेला की वर्तमान व्यवस्था से तकरीबन 10000 लोग बेरोजगार हो गए हैं।