विकास के बिना नहीं होगा नक्सली समस्या का हल


nitish kumar

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हमारे देश की बुनियाद साम्प्रदायिक सद्भाव, सामाजिक समरसता तथा समावेशी विकास पर आधारित है। वे आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित वामपंथी उग्रवाद के संबंध में समीक्षात्मक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह मंत्री, वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं अन्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हिंसा स्पष्ट रूप से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन आर्थिक-सामाजिक विकास तथा सुदृढ़ आंतरिक सुरक्षा के लिए देश में व्याप्त अनेकता और विविधता की जीवन्त संस्कृति को लगातार संजोने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग, सकारात्मक एवं भरोसेमन्द कार्यशैली समय की मांग है। तभी हम आंतरिक सुरक्षा के लिए नासूर बन रहे वामपंथी हिसा की समस्याओं का सामना करने में सक्षम हो पाएंगे। श्री कुमार ने कहा कि नक्सलियों का उन्मूलन नक्सलवाद का समाधान नहीं है।

इसके लिए हमें विकास में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करना ही होगा। वामपंथी उग्रवाद में शामिल लोग हमारे समाज एवं देश के ही अंश हैं। उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोडऩा होगा। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद का सामना करने के लिए बिहार सरकार ने बहुमुखी रणनीति बनाई है। राज्य सरकार की पहल को काफी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि गृह मंत्रालय ने देश में वामपंथी उग्रवादी हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित 35 जिलों की पहचान की है।

इनमें से 6 जिले यथा-गया, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, बांका एवं मुजफ्फरपुर, बिहार में चिन्ह्ति किये गये हैं। इन जिलों में प्रभावित लोगों को समाज के मुख्य धारा से जोडऩे के लिए चलाई जा रही विभिन्न विकासोन्मुखी एवं कल्याण संबंधी योजनाओं का नियमित अनुश्रवण मुख्य सचिव, बिहार सरकार के स्तर से किया जाता है। जिसके फलस्वरूप केंद्र सरकार द्वारा संचार व्यवस्था के लिए पहचान किए गए बीएसएनएल के 184 मोबाईल टावर का अधिष्ठापन कार्य राज्य में सबसे पहले पूर्ण कर उन्हें ऊर्जान्वित भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने वामपंथी उग्रवाद के निबटने के लिए सार्थक दिशा में समेकित प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस बैठक में बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं गृह सचिव भी उपस्थित थे।

– जेपी चौधरी