ग्रामीण स्वास्थ्यकर्ता होंगे प्रशिक्षित


पटना : बिहार में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के करीब 22000 अप्रशिक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के शिक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य आगामी 15 अगस्त से प्रारंभ करेगा। एनआइओएस के क्षेत्रीय निदेशक संजय कुमार सिन्हा ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अप्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी, पुश्तैनी हकीम, वैद्य, चिकित्सकों के साथ जुड़कर अनुभव प्राप्त करने वाले कार्यकर्ता के शिक्षण एवं प्रशिक्षण का कार्य आगामी 15 अगस्त से प्रारंभ कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बिहार की दो तिहाई जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के क्रम में यह महसूस किया गया कि ग्रामीण दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी के कारण आम जनता को समुचित स्वास्थ्य परामर्श एवं लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिन्हा ने बताया कि ग्रामीण दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य प्रदाताओं की अनुपलब्धता के कारण लाखों अप्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी पुश्तैनी हकीम, वैद्य एवं चिकित्सकों के साथ जुड़कर अनुभव प्राप्त करने वाले कार्यकर्ता प्राथमिक उपचार एवं परामर्श इत्यादि में सक्रिय एवं कई प्रकार के इलाज कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) के संयुक्त तत्वाधान में अप्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं हेतु प्रारंभ किए गए सामुदायिक स्वास्थ्य के एक वर्षीय पाठ्यक्रम परियोजना के अंतर्गत एनआइओएस एवं बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग एक साथ मिलकर अगले पांच वर्षों तक हर वर्ष लगभग 80000 अप्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे ताकि वह प्रशिक्षण लेकर स्थानीय ग्रामीण मरीजों प्रारंभिक देखभाल कर सके।

वरीय चिकित्सक डॉ. एल. बी. सिंह जिनके परामर्श से यह शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य चलाया जाएगा कि मौजूदगी में आज संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सिन्हा ने बताया कि प्रथम सत्र हेतु इस परियोजना में लगभग 22000 नामांकन हुए हैं। इस परियोजना के अंतर्गत अप्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग एवं एनआइओएस एक साथ मिलकर राज्य के 683 प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों प्रथम रेफरल इकाई में सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

सभी के लिए स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण जनता को प्रभावी सक्षम एवं सुलभ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण साहयोग हेतु बहुउद्येशीय सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षण देने के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित व्यवसायिक पाठयक्रमों के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य में जन स्वास्थ्य प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम (एक वर्ष) हेतु राज्य के सभी 38 जिलों में कार्यरत 149 प्रथम रेफरल इकाई तथा 534 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में अध्ययन केन्द्रों की स्थापना कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम जन सामान्य के लिए अति उपयोगी होने के साथ साथ व्यापक प्रभाव डालने वाला होगा। उन्होंने कहा कि इस शैक्षिक कार्यक्रम को एक नियमित स्वरूप प्रदान करने से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र में काम करने वाले अप्रशिक्षित कर्मियों का कौशल उन्नयन हो सकेगा तथा शिशु स्वास्थ्य देख भाल एवं रोगों में निवारण एवं आपातकालीन स्थितियों के बारे में जन समुदाय को सही जनकारी उपलब्ध करा सकेंगे।

सिन्हा ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उदेश्य जनसमुदाय के बीच से कुशल सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैयार करना है। जन समुदाय को स्वास्थ, स्वछता स्वस्थ पर्यावरण संतुलित आहार, मातृत्व व शिशु स्वास्थ्य देखरेख सहित परिवार कल्याण आदि पर मनोवैज्ञानिक परामर्श दे सके तथा उपयुक्त प्राथमिक उपचार करने में समर्थ हो। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत राज्य के प्रत्येक जिले के प्रत्येक ब्लाक से शिक्षार्थियों द्वारा नामांकन लिया गया जिनकी संख्या करीब 22000 है।