अभिलेखों का संरक्षण संरक्षित रखने के लिए तकनीक अपनाएं : नीतीश


Nitish Kumar

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभिलेखों के संरक्षण को जरूरी बताते हुये आज कहा कि इसे संरक्षित रखने के लिए जो भी तकनीक है, उसे अपनाया जाना चाहिए। श्री कुमार ने यहां’द इंडियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ कन्जरवेशन ऑफ कल्चरल प्रोपर्टी’के 49वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुये कहा कि अभिलेखागार में जो अभिलेख हैं, उसका संरक्षण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि फोटो निगेटिव भी 35 साल में नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि उसे बरकरार रखने के लिये जो भी तकनीक है, उसे अपनाया जाना चाहिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्यूमेंटेशन ऑफ द रिकॉर्ड ऑन अर्थक्वेक इन बिहार 1934 को संग्रहित कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात जैसा भूकम्प बिहार में आया तो लाखो लोग मारे जायेंगे। विज्ञान का काफी विकास हुआ है लेकिन भूकम्प कब और कहां आयेगा, किसी को पता नहीं चलता। उन्होंने कहा कि इसके लिये जागरुता ही उपाय है। बिहार में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काफी काम हुआ है और इस क्षेत्र में लगातार काम हो रहे हैं। स्कूली बच्चों को भी इसके बारे में जागरूक किया गया है।

श्री कुमार ने कहा कि बिहार का हर हिस्सा पुरातत्व का साइट है। उन्होंने कहा कि कन्जरवेशन ऑफ कल्चरल प्रोपर्टी के क्षेत्र में राज्य में क्या किया जा सकता है, इस संबंध में आईएएससी के अध्यक्ष वी। वी। खड़बरे अपना मार्गदर्शन दें, सरकार की ओर से आर्थिक एवं नीतिगत सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेषज्ञों की कमी नहीं है बल्कि उचित ओरिएंटेशन की कमी है।