भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक सरकार की ओर से शनिवार को मनाये जाने वाले टीपू जयंती समारोह के विरोध में शुक्रवार को राज्यव्यापी आंदोलन किया तथा राज्य सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया।

जिला प्रशासन ने कोडागु, चिकमंगलुरु, चित्रदुर्ग, मांड्या और धारवाड़ जिलों में आज से अगले दो दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत प्रदर्शनों, हथियारों को लेकर चलने और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी गयी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप-मुख्यमंत्री आर. अशोक ने यहां राजधानी में आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन की सरकार टीपू सुल्तान समारोह केवल मुस्लिम समुदाय को खुश करने और वोट बैंक की रक्षा के लिए आयोजित कर रही है।

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उन्होंने कहा,’कांग्रेस और जद (एस) पिछले 200 वर्षों से टीपू की जयंती मनाने से हिचक रही थी लेकिन यहां दोनों पार्टियों ने वोट बैंक बचाने के लिए हाथ मिला लिये हैं।’ कलबुर्गी में भाजपा विधायक दत्तात्रेय पाटिल रेवूर सहित 50 कार्यकर्ताओं को वाहनों के आवागमन को प्रभावित करने के आरोप में हिरासत में ले लिया गया और बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टीपू जयंती मनाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी भी की।

बीदर में प्रदर्शनकारी गणेश मैदान में एकत्र हुए और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारामैया और अन्य मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस-जद (एस) टीपू जयंती मनाकर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने की कोशिश कर रही है।

बेलगावी में आंदोलनकारियों का नेतृत्व लोकसभा सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश अंगडी ने किया। वहां उपायुक्त कार्यालय के समक्ष बड़ संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हुए और राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और जयंती समारोह के व्यापक पैमाने पर विरोध के बावजूद इसे मनाने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ निंदा की।

श्री अंगडी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया,’ टीपू सुल्तान एक हिंदू विरोधी था जिसने हजारों हिंदुओं की हत्या कर दी थी।’ पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे तथा आंदोलन के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। (संपादक कृपया शेष पूर्व प्रेषित से जोड़ लें।