कारोबारी विजय माल्या के वकीलों को नहीं है भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा


मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई फिर से शुरू हुई। माल्या सुनवाई के चौथे दिन लंदन के वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट की अदालत में मौजूद रहे। इस दौरान माल्या के वकीलों ने भारत की न्यायिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए है। बता दें कि माल्या पर कर्ज ना चुका पाने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।

माल्या (61) सुनवाई के चौथे दिन लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में मौजूद रहे। उनकी वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर अपनी राय देने के लिए डॉ. मार्टिन लाउ को पेश किया. डॉ. लाउ दक्षिण एशियाई मामलों के विशेषज्ञ हैं।

लाउ ने कहा की मैं भारत के सुप्रीम कोर्ट का काफी सम्मान करता हूं लेकिन कुछ मुद्दों को लेकर दुविधाएं भी हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि भारत का सुप्रीम कोर्ट एक भ्रष्ट संस्था है लेकिन मेरा मानना है कि वह कभी-कभी सरकार के पक्ष में फैसला देती है। खासकर जब जज रिटायर होने की कगार पर होते हैं। इतना ही नहीं जब रिटायरमेंट के बाद किसी सरकारी पद की चाहत रखते हैं।

माल्या के वकील यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि एयरलाइन का कर्ज नहीं चुका पाने का मामला कारोबार की विफलता का नतीजा है। इसे किसी ‘बेईमानी’ या ‘धोखाधड़ी’ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

जानिए ! लंदन की कोर्ट कौन कौन से मामले है : –
– माल्या पर भारत के 17 बैंकों के 9,432 करोड़ रुपए बकाया हैं।
– गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले साल 2 मार्च को देश छोड़कर भाग गया था।
– माल्या के एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) केस की सुनवाई भी लंदन वेस्टमिंस्टर कोर्ट में चल रही है।
– कोर्ट ने 4, 5, 6, 7, 11, 12, 13 और 14 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई तय की थी।
– भारत ने ब्रिटेन से उसके एक्स्ट्राडीशन की रिक्वेस्ट की थी।
– डिफेंस टाइम टेबल के मुताबिक, 24 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा।

जानिए ! भारतीय बैंकों का माल्या की बकाया राशि : –
– स्टेट बैंक ऑफ मैसूर 150 करोड़ रुपए
– सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 410 करोड़ रुपए
– यूको बैंक 320 करोड़ रुपए
– एसबीआई 1600 करोड़ रुपए
– पीएनबी 800 करोड़ रुपए
– कॉर्पोरेशन बैंक 310 करोड़ रुपए
-आईडीबीआई 800 करोड़ रुपए
– बैंक ऑफ इंडिया 650 करोड़ रुपए
– फेडरल बैंक 90 करोड़ रुपए
– पंजाब एंड सिंध बैंक 60 करोड़ रुपए
– एक्सिस बैंक 50 करोड़ रुपए
– यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया 430 करोड़ रुपए
– इंडियन ओवरसीज बैंक 140 करोड़ रुपए

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