पेड़ खरीदी में करोड़ों के गोलमाल का आरोप


रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस ने पौधों की खरीदी में गड़बड़ी किए जाने का मामला जोर-शोर से उठाया। इस मामले में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 5 से 8 रुपये प्रति कीमत के नीलगिरी पौधे 732 रुपये प्रति पौधे की दर से खरीदी करते हुए 73 करोड़ :ुपये की राशि का गोलमाल विभाग द्वारा किया गया है। इस मामले में कांग्रेस ने जांच की मांग की। वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं आने पर कांग्रेसी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

प्रश्नकाल में आज कांग्रेस विधायक मोहन मरकाम ने यह मामला उठाया। उन्होंने अपने मूल प्रश्र में मंत्री से जानना चाहा कि कांकेर वन वृत्त में वित्तीय वर्ष 2015-16 में सॉपरा इंटरनेशनल वेयर हाउस एण्ड लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड अभ्यंकर नगर, नागपुर (महाराष्ट्र) फर्म से क्लोनल नीलगिरी पौधों का क्रय किया गया है तो क्रय समिति द्वारा प्रत्येक पौधों का न्यूनतम दर क्या निर्धारित किया गया तथा किस दर पर एवं कितनी मात्रा में क्रय किया गया।

इसके जवाब में वन मंत्री श्री गागड़ा ने बताया कि उक्त अवधि में इंटरनेशनल वेयर हाउस एण्ड लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड फर्म से क्रय नहीं किया गया। मंत्री ने बताया कि पौधे अलग-अलग स्थानों के लिए अलग-अलग कीमत पर खरीदा गया। 5 रुपये से लेकर 8 रुपये तक प्रति पौधा की दर से पौधे खरीदे गए है।

कांग्रेस सदस्य ने इस पर सदन में विभाग द्वारा जारी एक आदेश कापी को सदन में प्रस्तुत करने की मांग करते हुए कहा कि इस आदेश कापी के तहत प्रति पौधा 732 रुपये की दर से खरीदा गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि करीब 73 करोड़ रुपये का पौधा सप्लाई में गोलमाल किया गया है।

कांग्रेस सदस्य सत्यनारायण शर्मा एवं भूपेश बघेल ने भी इस मामले में मंत्री से पूछा कि क्या उन्हें प्रति पौधा 732 रुपये की दर से खरीदे जाने है और विभाग के इस आदेश की जानकारी है। इसके जवाब में मंत्री ने कांग्रेस सदस्यों से कहा कि इस बारे मेें वे अलग से दे दें इसका परीक्षण वे कराएंगे। कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री से मांग की कि क्या वे इस मामले की जांच कराएंगे अगर हा तो वे इसकी घोषणा करें। इसके बाद भी मंत्री द्वारा गोलमाल जवाब देने पर कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।