किसान महासंघ का विधानसभा घेराव का ऐलान


रायपुर: बुधवार को छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के राज्य समन्वयक संयोजक मंडल की आपात बैठक रायपुर में हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किसानों से किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया, इसलिए विधायकों का घेराव कार्यक्रम मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। किसान महासंघ चार साल का बोनस रु 1200 प्रति च्ंिटल धान, रु. 2100 धान का समर्थन मूल्य, कर्ज माफी, स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश लागू करने, शून्य प्रतिशत ब्याज पर लोन, मुफ्त बिजली, एक एक दाना धान की खरीदी सहित 7 सूत्रीय मांगों के साथ-साथ कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को झलकी गांव की जमीन खरीदी के मामले में मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग महासंघ राज्यपाल से करेगा । अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं होती हैं तो बोनस बइठका के माध्यम से आंदोलन का विस्तार किया जाएगा ।

9 अगस्त को विधानसभा में विधायकों को घुसने नहीं दिया जायेगा: किसान महासंघ ने राज्य सरकार को 8 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह किसानों की सभी जायज मांगों को पूरा कर ले अन्यथा विधानसभा में विधायकों और मंत्रियों को 9 अगस्त को घुसने नहीं दिया जाएगा । अपनी मांगों को लेकर 27 जुलाई को लोरमी के विधायक तोखन साहू, 28 जुलाई को साजा विधायक लाभचंद बाफना का अहिवारा में और 28 जुलाई को ही सराईपाली में विधायक रामलाल चौहान का घेराव किया जाएगा ।

भूपेश बघेल को भी घेरेंगे: किसानों की जायज मांगों को पूरा करवाने में कांग्रेस पार्टी लगातार कमजोर विपक्ष के रूप में दिखाई देती ऌहै। इसीलिए कांग्रेस के विधायकों का घेराव भी महासंघ के द्वारा किया जा रहा है । इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का घेराव भी विधानसभा सत्र के पूर्व किया जाएगा।