बघेल पर जमीन घोटाले की जांच होगी


रायपुर: छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जमीन विवाद में घेरेबंदी के बाद छजकां ने फिर से अपने रिश्तेदारों के नाम बदलकर जमीन घोटाले के आरोप जड़ दिए हैं। इस मामले में आरोपों के बाद सियासत भी गरमा गई है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री निवास तक इसकी शिकायत पहुंची। इधर मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह ने साफ कर दिया कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष फिर जांच के घेरे में आ गए हैं। भूपेश बघेल पर 30 एकड़ जमीन पर कब्जे के आरोपों के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आरोप बेहद गंभीर हैं।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि रोज नए मामले सामने आ रहे हैं। इन आरोपों की जांच कलैक्टर द्वारा कराई जा रही है। कलैक्टर की जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, इसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा। सीएम के बयान के बाद आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भी जवाब तैयार करना शुरू कर दिया है। हालांकि कांग्रेस ने शुरूआती प्रतिक्रिया में इसे राजनीति प्रेरित और सीएम के साथ जोगी की मिलीभगत का नतीजा करार दिया है।

वहीं सवाल उठाए कि पूर्व में ईओडब्लू में भी मामला दर्ज करने के बाद अब तक प्रश्नावली तक तैयार नहीं करा पाए हैं। एफआईआर में सरकारी पक्ष ही नदारद है। ऐसी स्थिति में खुद आरोप राजनीति प्रेरित साबित हो गए हैं। इधर आरोपों में 30 एकड़ स्कूल की जमीन को फर्जी ढंग से अपने नाम कराने का दावा किया गया है। वहीं आरोप लगाए गए हैं कि वर्ष 1985 से बघेल का वहां कब्जा है।

वर्ष 1998 में पटवारी और तहसीदार से मिलकर संशोधन पंजी में इसे दर्ज कराया गया है। जिस वक्त यह फर्जीवाड़ा किया गया उस दौरान भूपेश बघेल अविभाजित म.प्र. सरकार में परिवहन मंत्री थे। इधर कांग्रेस ने कुरुदडीह मामले के साथ साडा जमीन मामले में अब तक आरोप सिद्ध नहीं करने पर घेरेबंदी है।