छ.ग. विधानसभा का पावस सत्र होगा हंगामेदार


रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का पावस सत्र शुरू हो रहा है। विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है। वहीं सत्र में विपक्ष ने सरकार की घेरेबंदी के लिए तगड़ी रणनीति तय की है। इधर सत्तापक्ष ने भी जवाबी प्रहार के लिए रणनीतियों पर मंथन किया है। दस दिनों के सत्र के लिए इस बार विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार है। सूत्र दावा करते हैं कि विपक्ष सत्र के सभी दिन सरकार के खिलाफ किसी एक मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लेकर आएगा। वहीं सरकार की तैयारी सभी मुद्दों पर जवाब के साथ शासकीय एवं वित्तीय कार्य को निपटाने की रहेगी।

सरकार की ओर से प्रथम अनुपूरक बजट भी सत्र में लाया जाएगा। सरकार की कोशिश इसे जल्द से जल्द पारित कराने की होगी। वहीं कुछ विधेयकों के साथ संशोधन विधेयक भी सत्र में लाए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सत्र के लिए विधायकों की ओर से अब तक डेढ़ हजार से अधिक सवाल लगाए जा चुके हैं। इधर विपक्ष की रणनीति मौजूदा ज्वलंत मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव लाने की है। इनमें प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के अलावा परिवहन बेरियर टोकन घोटाले को लाने पर तैयारी हो चुकी है।

इसके अलावा अब जल संसाधन मंत्री द्वारा वन भूमि पर रिसोर्ट बनाने के मामले में भी स्थगन लाने पर विचार किया गया है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय मुद्दों के साथ धान घोटाले और राजनीतिक आंदोलनों में विपक्ष के नेताओं पर प्रकरण दर्ज करने पर भी सरकार से जवाब मांगा जा सकता है। विपक्ष का दावा है कि इन मुद्दों पर सरकार से ठोस जवाब नहीं आया तो कार्रवाई में गतिरोध और टकराव की नौबत भी आ सकती है। विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरेबंदी के लिए भी कवायदें की है। इधर सत्र के पहले ही दिन ही स्थगन के जरिए सरकार पर सीधे हमले होंगे। इसके लिए विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों की अबलग-अलग बैठकों में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।