कांग्रेस ने दिया अलगावादियों को वी.आई.पी का दर्जा


रायपुर: छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी पारा उफान पर है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बस्तर दौरे के बाद जुबानी जंग भी तेज हो गई। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ पूरी पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार भी किए। वहीं यह भी आरोप लगा दिए कि कांग्रेस ने अलगाववादियों को वीआईपी का दर्जा दे रखा था। कश्मीर के हालातों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष के बयान पर उन्होंने इस तरह की घेरेबंदी की। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में अलगावादियों को वीआईपी की तरह मानने के साथ शिकंजा कसने के प्रयास नहीं किए।

सरोज ने दावा किया कि मोदी सरकार के आने के बाद से ही अलगाववादियों को फंडिंग कम हो गई है। इधर प्रदेश में आउटसोर्सिंग को लेकर भाजपा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आउटसोर्सिंग नाम की चीज ही नहीं है। प्रदेश में विपक्ष राजनीतिक आरोप लगाती रही है। भाजपा महामंत्री ने मौजूदा समस्याओं को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर मढ़ते हुए ठीकरा फोड़ा। वहीं यह भी कह दिया कि बस्तर में प्रवीरचंद्र भंजदेव की हत्या में भी कांग्रेस का हाथ था।

यह भी आरोप लगाए कि बस्तर में नक्सलवाद एक तरह से कांग्रेस की ही देन है। बिहार में महागठबंधन सरकार गिरने के पीछे भी उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे तेजस्वी यादव को इस्तीफा दिलवा देते तो मौजूदा घटनाक्रम नहीं होता। उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ कांग्रेस पर लगातार प्रहार किए। वहीं बस्तर में राहुल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किए। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद से मुक्ति के लिए लगातार अभियान और प्रयास चल रहे हैं। इसमें सफलता भी मिल रही है।