कांग्रेस की कमियां गिनाएगी भाजपा


रायपुर: चुनावी मिशन को लेकर कांग्रेस के खिलाफ भी सत्ताधारी दल ने माहौल बनाने की रणनीति तय की है। वहीं आदिवासी वोटों को लुभाने की भी कवायदें हो रही है। अगस्त क्रांति दिवस से इसका आगाज भी हो गया है। रणनीति के तहत भाजपा के कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर कांग्रेस की खामियां भी गिनाएंगे। सरकार की उपलब्धियों के साथ कांग्रेस की खामियां गिनाकर साधने की कवायदें होगी।

संगठन के निर्देश के बाद इसका आगाज कर दिया गया है। इधर आदिवासी दिवस के मौके पर भी नए सिरे से कवायदें शुरू हुई है। आदिवासियों को साधने दोनों ही दलों ने पैंतरा खेला है। राजधानी में आदिवासी दिवस पर आयोजित सम्मेलन में भाजपा के आदिवासी नेताओं ने समाज के लोगों को अपने पाले में लाने की कोशिशें की है।

इस दौरान आदिवासी उत्थान को लेकर भाजपा के कार्यक्रमों को भी प्रचारित किया गया है। वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से कांग्रेस ने बस्तर अंचल में बड़ा आदिवासी सम्मेलन कर संदेश देने की कोशिशें की है। बस्तर में कांग्रेस के सभी आदिवासी विधायकों के साथ बड़े नेता भी जुटे हैं।

इधर भाजपा ने पहली बार अपने कैंपेन में कांग्रेस के खिलाफ मुहिम चलाने की रणनीति तय की है। आम तौर पर विपक्ष ही इस तरह के प्रचार करता रहा है। सत्ताधारी दल केवल सरकार की उपलब्धियों पर ही केन्द्रीत रही है। भाजपा के इस कवायद पर फिलहाल कांग्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के आक्रामक आंदोलनों और सरकार के खिलाफ बनते माहौल पर डेमेज कंट्रोल के लिए सत्ताधारी दल की रणनीति तय की गई है। चुनावी मिशन की कवायदों में इस दांव को अहम माना जा रहा है।

राज्य में दोनों ही दलों की ओर से नए सिरे से रणनीतियों में बदलाव हो रहा है। इधर कांग्रेस ने पहले ही घर-घर जाकर भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को उजागर करने का एजेंडा तय किया है।ऐसी स्थिति में निचले स्तर पर दोनों ही दलों में टकराव की आशंकाओं से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।