कांग्रेस लगाएगी जन विधानसभा


रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के समय पूर्व सत्रावसान के खिलाफ विपक्ष राष्ट्रपति भवन जाकर शिकायत करेगी। वहीं दिल्ली के जंतर मंतर में सभी विधायक धरना देंगे। राज्य में सत्तापक्ष की कार्रवाई को संवैधानिक पंरपराओं के खिलाफ बताकर इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की रणनीति है। इधर छत्तीसगढ़ में राज्यपाल से शिकायत के बाद कांग्रेस अब सभी जिलों में जन विधानसभा लगाएगी। हालांकि संगठन ने फिलहाल सभी जिलों में जन विधानसभा के निर्णय पर सहमति दी है, लेकिन जल्दी ही इसका विधानसभावार विस्तार करने पर भी विचार चल रहा है।

जन विधानसभा के जरिए कांगे्रस अब रमन सरकार के भ्रष्टाचार को प्रचारित करेगी। राजधानी से इसकी शुरूआत भी कर दी गई है। इस दौरान पनामा पेपर्स मामले से लेकर मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों पर भी घेरेबंदी होगी। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस की ओर से संगठन का एक प्रभारी भी नियुक्त होगी। विधानसभा के सत्रावसान के खिलाफ अब लगातार माहौल बनाने का निर्णय लिया गया है।

आगामी विधानसभा सत्र तक लगातार विधानसभा क्षेत्रों में सरकार की खामियों और भ्रष्टाचार उजागर करने जन विधानसभा लगाई जाएगी। इधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में राष्ट्रपति से शिकायत करने का निर्णय ले लिया गया है। इस दौरान कांग्रेस के विधायक भ्रष्टाचार के सभी दस्तावेज राष्ट्रपति को सौंपकर संदेश देने की कोशिश करेंगे। राज्य में पावस सत्र के अवसान के मुद्दे पर सियासी पारा उफान पर है।

इधर कांग्रेस ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि यह कहा जा रहा कि स्पीकर पर दबाव डालकर कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई। इसके बावजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक स्वीकार कर रहे हैं कि खुद विधानसभा अध्यक्ष भी इस षडय़ंत्र में शामिल हैं।