बृजमोहन के इस्तीफे की मांग को लेकर सदन गरमाया


रायपुर: बृजमोहन अग्रवाल के रिसोर्ट का मुद्दा प्रश्नकाल से ही गरमा गया। कांग्रेसी विधायक ने जलकी गांव में जमीन में दस्तावेज में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि जमीन अफरा-तफरी मामले में चार से पांच विभाग शामिल हैं। ये बेहद ही गंभीर मामलाज्. है। इस मामले में विपक्ष की तरफ से मंत्री की संलिप्तता बताये जाने पर सत्ता पक्ष भी आक्रामक हो गया और मंत्री नाम को विलोपित करने की मांग करने लगा।

राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि किसी मंत्री के खिलाफ अगर कोई आरोप लगाया जाता है.. तो इसकी सूचना 24 घंटे पहले देनी जरूरी है.. साथ ही संबंधित मंत्री को भी इसकी सूचना देनी जरूरी होती है। इस मामले में स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल ने व्यवस्था देते हुए बात में फैसला देने की बात कही। जिसके बाद विपक्ष और भी आक्रामक हो गया और सदन में जोरदार नारेबाजी होने लगी।

हालांकि इस दौरान सदन में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद नहीं थे। विपक्ष इस मुद्दे पर शुरुआती घंटे से ही चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा। विपक्ष के सभी विधायक अपनी-अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, हालांकि बीच-बीच में गौरीशंकर अग्रवाल विधायकों से बैठ जाने और प्रश्नकाल सुचारू रूप से चलने देने का अनुरोध करते रहे, लेकिन विपक्ष मानने को तैयार नहीं हुआ, जिसके बाद सदन को पांच मिनट के स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्रवाही शुरू होने के बाद विपक्षी विधायक वेल में आकर नारे लगाने लगे। ओर निलंबित हो गए।

इसके पश्चात कांग्रेसी विधायक सदन से बाहर निकलकर गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गये। कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रहा है साथ ही बृजमोहन अग्रवाल से इस्तीफ ा भी मांग रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस मुद्दे पर सदन में चर्चा होनी चाहिये थी, लेकिन चर्चा नहीं होने दिया जा रहा है। कांग्रेसी विधायकों ने इस मामले में बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर काफ ी देर तक बैठे रहे।