ग्रामीण भारत के विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका


रायपुर : छत्तीसगढ़ के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि ग्रामीण भारत के विकास में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत गांवों में बसता है। गांवों में रहने वाले किसानों और गरीबों की तरक्की देश के विकास की दिशा तय करती है। अग्रवाल कल यहां नाबार्ड के 37वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। समारोह का आयोजन नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा किया गया। अग्रवाल ने समारोह मेंवर्ष 2017-18 में सूक्ष्म ऋण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकों, गैर सरकारी संगठनों और स्व सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

अग्रवाल ने समारोह में उपस्थित किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नाबार्ड भारतवर्ष के उत्थान में सबसे ज्यादा योगदान दे रहा है। ऐसे में नाबार्ड के इस सालगिरह के अवसर पर हम उम्मीद करते हैं कि यह बैंक ग्रामीण भारत के विकास में और तेजी के साथ कार्य करते हुए किसानों और खेती हर मजदूरों की खुशहाली की राह आसान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के गांवों, गरीबों और किसानों के विकास के लिए कार्य कर रही है, जिसमें नाबार्ड की महती भूमिका है। विशेष रूप से किसानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए नाबार्ड के साथ मिलकर सरकार बेहतर करने प्रयासरत है।

सरकार के प्रयासों के नतीजे भी अच्छे आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सतत प्रयत्नशील है। लगातार नई किसान हितैषी योजनाएं बनाकर किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने प्रोत्साहित किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार के प्रयासों से किसानों की हालत सुधरी है। खेती किसानी भी अब मुनाफे का व्यवसाय साबित हो रही है। अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा उठाने के लिए छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। अभी तक यह देखने में आया है कि इन योजनाओं का लाभ बड़े किसान ज्यादा उठाते हैं।

अग्रवाल ने किसानों से कहा कि उन्हें अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए धान के साथ-साथबागवानी, पशुपालन, मछली पालन आदि क्षेत्रों में भी काम करना होगा। प्रदेश सरकार सहयोग के लिए किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में डयेरी के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर 12 लाख रुपए तक का ऋण किसानों को प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सोलर पंप प्रदान किये जा रहे है। इन योजनाओं में भी नाबार्ड का विशेष सहयोग मिलता है। इस अवसर पर अपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक बजाज क्रेडा के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एस. के पाटील, नाबार्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक महापात्रा आदि उपस्थित थे।

अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत बनी टास्क फोर्स के अध्यक्ष के नाते मैने देश की महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को पूर्ण करने के लिए रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट पर अमल करते हुए 70 हजार करोड़ का ऋण नाबार्ड द्वारा जल संसाधन विभाग भारत सरकार को दिया जा रहा है। इन सिंचाई योजनाओं के पूर्ण होने से सिंचित रकबा बढ़ेगा और हर खेत तक पानी पहुंचाने का हमारा संकल्प कुछ हद तक पूरा होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान मेहनतकश और ईमानदार हैं। छत्तीसगढ़ एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां ऋण की 70 फीसदी वसूली हर साल होती है। खेती कार्य से मुक्त होते ही छत्तीसगढ़ के किसान सबसे पहले अपना कर्ज चुकाते हैं। अन्य राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है।