जोगी ने लगाए साजिश के आरोप


रायपुर: जाति विवाद में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रस के वरिष्ठ वकीलों से चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। खुद दिग्गज अधिवक्ता विवेक तनखा के इंकार से सियासत गरमाई हुई है। वहीं आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इधर जोगी परिवार की ओर से विधायक अमित जोगी ने ऐलान कर दिया कि इस मामले में कानूनी जंग लडऩे के लिए भी भाजपा और कांग्रेस से जुड़े किसी भी वकील की मदद नहीं ली जाएगी।

इधर दिल्ली से लौटे जोगी के पक्ष में समर्थकों ने रैली निकालकर ताकत दिखाने की कोशिशें की है। वहीं जोगी ने मुख्यमंत्री रमन ङ्क्षसह एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को निशाने पर लेते हुए आरोप जड़े हैं। वहीं आरोपों के साथ दावा भी किया गया है कि उनके खिलाफ भाजपा और कांग्रेस नेताओं का गठबंधन काम कर रहा है। इसलिए साजिश का दौर भी तेज हो गया है। इस मामले में आरोपों के साथ दावा किया कि आगामी चुनाव में सरकार बनाने में उनकी पार्टी पूरी तरह तैयार है।

बीते डेढ़ दशक से उनके विरोधियों ने जाति के मुद्दे पर ही उन्हें घेरने की कोशिशें की है, लेकिन सफलता नहीं मिली। पहले भी न्यायालय से उन्हें अपने पक्ष में निर्णय मिल चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस बार भी उनके पक्ष में ही फैसला होगा। फिलहाल वे कानूनविदों से रायशुमारी कर रहे हैं। इधर जोगी के खिलाफ जाति के मामले में पहली याचिका लगाने वाले भाजपा के दिग्गज नेता नंदकुमार साय ने भी यह दावा कर हलचल मचा दिया कि कुछ भाजपा नेताओं की वजह से ही इस मामले में लेटलतीफी हुई है।