क्षेत्रीय दल की गतिविधियों भाजपा-कांग्रेस में हलचल


रायपुर : छत्तीसगढ़ में चुनावी गतिविधियों के मामले में सरगर्मियां उफान पर नजर आने लगी है। सत्ताधारी दल भाजपा एवं विपक्ष कांग्रेस की तैयारियों ने पहले ही जोर पकड़ा हुआ है। इधर जनता कांग्रेस की गतिविधियों को लेकर भी हलचल नजर आ रही है। दोनों ही दलों ने छजकां की गतिविधियों के साथ इसके काट के लिए रणनीतिक कवायदें शुरू की है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां क्षेत्रीय दल को अपने लिए चुनौती नहीं मान रही है।

इसके बावजूद जोगी के दावों के बाद उन्हें अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। जोगी के क्षेत्रीय दलों के समीकरणों के आधार पर इससे केवल कांग्रेस को ही नुकसान नहीं होगा। बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा को ही इससे नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस माह के अंतिम पखवाड़े से जोगी कांग्रेस का जन जन अभियान शुरू हो रहा है।

इधर कांग्रेस ने पहले ही प्रशिक्षण शिविरों के जरिए बूथों को मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू किया है। इधर सत्ताधारी दल ने भी सभी विधानसभाओं में फोकस करते हुए श्रेणियां बनाई है। राज्य में करीब डेढ़ साल पहले ही चुनावी माहौल नजर आने लगा है। वहीं चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक दलों में होड़ नजर आ रही है। इसके लिए अभी से सीटों का आंकलन भी शुरू हो गया है। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस के असंतुष्टों पर ही क्षेत्रीय दल की नजर होगी। दोनों ही दलों से किनारे किए गए नेता सीधे जोगी की शरण में जा सकते हैं।

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में नए सिरे से टिकट का बंटवारा होगा। इस दौरान बड़ी तादाद में मौजूदा विधायकों के टिकट कट सकते हैं। यही वजह है कि अंतिम मौके पर छजकां के दांव  महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि जोगी ने खुद दूसरे दलों के असंतुष्टों की जरूरतों से इंकार किया है। इसके बावजूद वे अंतिम मौके पर दांव चल सकते हैं।