हरे-भरे खेत में हार गया जिंदगी की जंग


रायपुर: कवर्धा जिले ग्राम देहारी तहसील कर्वधा में एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सूत्रों के अनुसार किसान कर्ज से परेशान था। यह बात उसने मृत्यु पूर्व लिखे एक पत्र में भी की है। किसान का नाम संतोष साहू बताया गया है उसकी आयु 45 साल थी।

छत्तीसगढ़ के गांवों में हाल के दिनों में इस प्रकार की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाने के बाद भी किसानों आत्मघाती कदम हैरानी से भरे व अत्यंत दुखदायी माने जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट को पुलिस ने ग्रामीणों के बीच पढ़कर सुनाया है। इस बात की पुष्टि हुई है कि संतोष साहू ने कर्जदार होने की बात लिखी।

शव के पास मिले दस्तावेज से आभास होता है कि जमीन या तो गिरवी रखी गई थी या डायवर्जन का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना की जानकारी किसान के परिजनों ने बुधवार को मिलने के बाद देर शाम पुलिस को सूचना दी गई। किसान इससे पहले रविवार को अपने ससुराल जाने के लिए निकला था, वापस आने के बाद वह घर नहीं लौटा। जहां शव मिला वह किसान के खेत में बनी झोपड़ी है।

आत्महत्या कर्ज के कारण नहीं-जिला प्रशासन: इधर किसान की आत्महत्या के मामले की जांच जिला प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार द्वारा की गई। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर कवर्धा के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में विभिन्न तथ्यों के आधार पर इस बात की पुष्टि हुई है कि संतोष साहू की आत्महत्या कर्ज के कारण नहीं हुई है। संतोष साहू एक खुश मिजाज व्यक्ति थे।

गांव में उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। उनके स्वयं के नाम पर 0.089 हेक्टेयर और सामिलात खाते में 2.448 हैक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है। उनके सुपुत्र उमेश के नाम पर अलग से 0.085 हैक्टेयर भूमि है। संतोष साहू छह भाइयों में सबसे बड़े थे और सभी संयुक्त परिवार में निवास करते थे। मृतक संतोष के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। मृतक श्री संतोष साहू पहले सरपंच थे और वर्तमान में ग्राम पंचायत डेहरी के वार्ड नम्बर 10 के निर्वाचित पंच भी थे।