भारत चीन सीमा विवाद : चीन ने अपने नागरिकों के लिए जारी किया सुरक्षा परामर्श


बीजिंग : भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव के दौरान चीन ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है इसमें कहा गया है कि वो भारत में अपनी सेफ्टी को लेकर अलर्ट रहें और गैरजरूरी ट्रैवल से बचें।

बता दें कि चीन भूटान और सिक्किम बॉर्डर पर एक रोड बनाना चाहता है। भारत और भूटान ने इसका विरोध किया था। इसके बाद से दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं।

यहां विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह यात्रा अलर्ट नहीं है। यह परामर्श है जिसमें चीनी नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है।

परामर्श में भारत जाने वाले चीनी यात्रियों से सुरक्षा हालात पर करीब से ध्यान देने और जरूरी एहतियात बरतने को कहा गया है। नयी दिल्ली में चीनी दूतावास के माध्यम से परामर्श जारी किया गया। यह परामर्श चीनी भाषा में है और इसपर आज की तारीख है।

इसमें चीनी नागरिकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे स्थानीय सुरक्षा स्थिति पर करीब से ध्यान दें, आत्मरक्षा जागरूकता में सुधार करें, सुरक्षा को मजबूत बनाएं, अनावश्यक यात्रा को कम करें, निजी और संपथि की सुरक्षा पर ध्यान दें ताकि परिवार और मित्रों को अद्यतन सूचना दे सकें।

जानिए , क्या है भारत चीन विवाद का पूरा मामला

> दोनों देशों के बीच 3,500 किमोलीटर (2,174 मील) लंबी सीमा है।

> भारत और चीन चुंबी घाटी के इलाके में आमने-सामने है, जहां भारत-भूटान और चीन तीन देशों की सीमाएं मिलती हैं। डोकलाम पठार चुंबी घाटी का ही हिस्सा है जहां भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव हुआ है।

> इस पूरे विवाद से भारत की चिंता इस बात को लेकर है इस इलाके से चीन की तोपें चिकेन्स नेक कहे जाने वाली इस संकरी पट्टी के बेहद करीब तक आ सकती हैं। जो उत्तर पूर्व को पूरे भारत से जोड़ती है।

> डोकाला पठार से सिर्फ 10-12 किमी पर ही चीन का शहर याडोंग है। जो हर मौसम में चालू रहने वाली सड़क से जुड़ा है डोकाला पठार नाथूला से सिर्फ 15 किमी की दूरी पर है।

> भूटान सरकार भी डोकाला इलाके में चीन की मौजूदगी का विरोध कर चुकी है, जो कि जोम्पलरी रिज में मौजूद भूटान सेना के बेस से बेहद करीब है।

> जून की शुरुआत में चीनी वर्करों ने याडोंग से इस इलाके में सड़क को आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिसकी वजह से ठीक इसी इलाके में भारतीय जवानों ने उन्हें ऐसा करने से रोका।