दिल्ली स्थित चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत में चीनी दूतावास ने कहा कि अपनी निजी सुरक्षा का ध्यान रखें। आपदा, सड़क हादसों और बीमारियों से भी खुद को सुरक्षित रखें।

पिछले दो महीनों में दूसरी बार है जब चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले आठ जून को भी चीन ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। आठ जुलाई को जारी की गई एडवाइजरी में चीन ने अपने नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा और जिस इलाके में रह रहे हैं उस इलाके की सुरक्षा के बारे में सचेत रहने को कहा था। आठ जुलाई को जारी की गई एडवाइजरी 7 अगस्त तक वैध थी।

आपको बता दे कि सिक्किम सेक्टर के डोकलाम के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। जिसको लेकर भारत और भूटान विरोध कर रहे हैं। डोकलाम में सीमा विवाद भारत चीन सीमा पर तनातनी बनी हुई है । जोकि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है । पिछले कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच डोकलाम में सीमा विवाद चल रहा है। जहां करीब दो महीने से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। दोनों देशों के नेताओं इस मुद्दे पर कई बयान आ चुके हैं। दोनों देशों के बीच यह गतिरोध तब शुरू हुआ जब डोकलाम इलाके में भारत सेना चीनी सेना द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण को रुकवा दिया।

बता दे कि चीन लगातार ही भारत को डोकलाम से सेना हटाने के लिए धमकियां दे रहा है तो वहीं भारत शांति से इस मसले को हल करना चाहता है।

हालांकि चीन की ओर से लगातार आ रही धमकियों के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कह दिया है कि देश की सुरक्षा पर किसी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। राजनाथ ने कहा कि भारत ने किसी पर हमला नहीं किया और डोकलाम का सकारात्मक हल निकलेगा। आईटीबीपी के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए राजनाथ ने कहा कि दुनिया में कौन सी ताकत है जो भारत की ओर आंखे उठाकर ।

राजनाथ ने कहा कि भारत-चीन के बीच डोकलाम को लेकर जो गतिरोध है, उसका समाधान जल्द निकलेगा। चीन भी अपनी तरह से कोई सकारात्मक पहल करेगा। उन्होंने भारत दुनिया का ऐसा देश है जिसने पहले से कभी हमला नहीं किया है। हम ना कभी आक्रान्ता रहे हैं और न ही कभी विस्तारवादी रहे हैं।

इसके अलावा चीन ने डोकलाम के साथ ही लद्दाख की पैगॉन्ग झील में भी घुसपैठ करने की कोशिश की थी। हालांकि भारतीय सेना ने चीन की इस कोशिश को नाकाम कर दिया था।