कर्नाटक में कांग्रेस-जद एस गठबंधन को एक अपवित्र गठजोड़ करार देते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह जनता के साथ धोखा है क्योंकि जनता ने कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया था। शाह ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, “कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ राज्‍य की जनता ने वोट किया। कर्नाटक में भाजपा के सरकार बनाने का दावा पेश करने को लेकर कुछ दल दुष्‍प्रचार कर रहे हैं। लेकिन ‘क्‍या सबसे बड़ी पार्टी होकर दावा करना गलत है’।”

उन्होंने कहा कि अगर हम सरकार बनाने का दावा नहीं पेश करते तो यह कर्नाटक के लोगों के जनादेश के खिलाफ होता। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कर्नाटक के लोगों को यह समझाना चाहिए कि जब उनके ज्यादातर मंत्री चुनाव हार गए हैं, कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया एक सीट से हार गए.. क्या वे इसका जश्न मना रहे हैं? कांग्रेस पीपीपी तक सिमट गई है, उसका जश्न मना रहे है ?

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जनता जश्न नहीं मना रहीं है बल्कि कांग्रेस और जदएस जश्न मना रही है। शाह ने आगे कहा, ‘जो कांग्रेस को हरा सकता है, जनता ने उसे जिताया। 80 से ज्‍यादा सीटों पर जद एस की जमानत जब्‍त हुई।’ जद एस को भी यह बताना चाहिए कि कि वे किस बात का जश्न मना रहे हैं।

amit shah

 सरकार बनाने के दावे के बारे में सवालों पर उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि बहुमत नहीं आने के बाद भी भाजपा ने सरकार बनाने का दावा किया। वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि राज्य में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, इसका मतलब क्या यह है कि वहां फिर से चुनाव कराए जाएं ?

उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा को पसंद किया और भाजपा ने सबसे ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की। 13 सीटों पर हम नोटा से भी कम वोटों से हारे हैं । इससे साफ है कि कर्नाटक की जनता ने भाजपा को जनादेश दिया है । अमित शाह ने कहा, “हम दक्षिण में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे हैं, जादुई अंक से हम सिर्फ 7 सीटों से पीछे रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि हम पर हार्स ट्रेडिंग (खरीद फरोख्त) का आरोप लगाया गया, लेकिन कांग्रेस ने पूरा का पूरा अस्तबल ही बेच खाया। हम सबसे बडे़ दल थे इसलिए हमने सरकार बनाने का दावा किया। कांग्रेस और जद एस द्वारा अपने विधायकों को होटल में रखने के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि उन विधायकों को अभी भी नहीं छोड़ा है, अभी भी वे पांच सितारा होटल में ही हैं। उन्हें विजय जुलूस नहीं निकलाने दिया गया। अगर उन विधायकों को बाहर निकलने दिया गया होता, तो इन विधायकों को जनता के मूड का पता चलाता ।

उन्होंने कहा कि भाजपा कर्नाटक में सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभायेगी। शाह ने कहा, ‘‘कर्नाटक के इस घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस ने अपनी हार को जीत बताने का एक नया तरीका खोज लिया है। मैं उम्मीद करता हूं कि जीत की यह नई परिभाषा 2019 तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक इकाइयों के साथ-साथ इवीएम में भी विश्वास करना शुरू कर दिया।

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