चक्रवाती तूफान ‘मोरा’ पहुंचा बांग्लादेश, भारत में भी अलर्ट जारी


ढाका : चक्रवाती तूफान मोरा बंगाल की खाड़ी की ओर से बांग्लादेश की ओर आ गया है। मंगलवार सुबह वह बांग्लादेशी तट से टकरा गया है। भारतीय नौसेना भी बांग्लादेश की मदद के लिए बिल्कुल तैयार है। मोरा का असर पूर्वोत्तर के कई भारतीय राज्यों पर भी पड़ सकता है, इसको लेकर चेतावनी भी जारी कर दी गई है।

तेज बारिश की चेतावनी जारी
मोरा तूफान को देखते हुए पूर्वी भारत में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 30-31 मई को असम और मेघालय के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भी तेज बारिश का खतरा है।

चक्रवाती तूफान मोरा के कारण भारत के मिजोरम, मेघालय, मणिपुर पर खासा असर पड़ सकता है। इसको लेकर बांग्लादेश में भी सिग्नल 7 का खतरा जारी किया गया है। मोरा के कारण बांग्लादेश के चिटगांव, नौखाली, लक्ष्मीपुर, फेनी और चांदपुर पर बड़ा असर होगा. कहा जा रहा है कि बांग्लादेश को छूने के कुछ ही समय बाद मोरा का सीधा असर पूर्वी भारत में पड़ेगा। मोरा तूफान के दौरान लगभग 54 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेगी, जो कि 88 किमी. प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

मछुआरों को वापिस लौटने की सलाह
29-30 मई को भारी बारिश की चेतावनी के कारण समुद्र की ओर जाने वाले मछुआरों को वहां पर ना जाने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा जो भी मछुआरे वहां पर मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही वापिस लौटने की सलाह दी गई है।

केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक देगा मानसून
माना जा रहा है कि इस वेदर सिस्टम की वजह से मानसून केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक दे देगा। इन स्थितियों में पूर्वोत्तर भारत में मानसून 29 या 30 तारीख तक दस्तक दे सकता है, जबकि केरल में मानसून इसके बाद पहुंचेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई को असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। इसके चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।