जैन धर्म नहीं अपितु जीवन जीने की पद्धति है: किरण चोपड़ा


नई दिल्ली: जैन श्वेतांबर तेरापंथ महिला मंडल, दिल्ली का 49वां वार्षिक अधिवेशन खिलौनी देवी धर्मशाला, पीतमपुरा, नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमन नाहटा की अध्यक्षता में धूमधाम से संपन्न हुआ जिसमें साध्वी श्री अशोक श्री जी ने शुभाशीष देते हुए बताया तेरापंथ का उद्देश्य महिला शक्ति का मान बढ़ाना है। इसीलिए हमारी संस्कृति में कहा है जहां नारियों का सम्मान होता है वहां देवता वास करते हैं। दिल्ली तेरापंथ महिला मंडल अपने रचनात्मक कार्यों से प्रकाश, विश्वास व प्रताप फैला रहा है। जैन साध्वियों ने मंगलाचरण व नमस्कार महामंत्र से सर्वमंगल कामनाएं की।

कार्यक्रम में मुख्यातिथि पंजाब केसरी की डायरेक्टर, वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की चेयरपर्सन श्रीमती किरण चोपड़ा ने कहा जैन कोई धर्म नहीं अपितु जीवन जीने की पद्घति है जिसके उच्च विचारों, आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संयुक्त परिवार प्रथा को पुन: लागू करने की जरूरत है। संयुक्त परिवारों से ही संस्कार निर्माण होंगे तथा तीनों पीढिय़ां जुड़ेंगी। दहेज, कन्या भ्रूण हत्या, बलात्कार जैसी सामाजिक बुराइयां दूर करने के लिए तेरापंथ महिलाएं दूसरे समुदाय की संभ्रात महिलाओं, बुद्घिजीवी पुरुष समाज को अपने अभियान का हिस्सा बनायें। तेरापंथ मंडल दिल्ली की अध्यक्ष सरोज जैन ने कहा अपने सपनों, कल्पनाओं के साथ कदम बढ़ाये, तो अनेकों कदमों के साथ कारवां बढ़ता गया।

दो वर्षों का समय मेरे लिए किसी महायज्ञ के आयोजन जैसा रहा। आज मैं गुरुदेव के पुण्य प्रताप से अपने कार्यकाल की संपूर्णता पर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। इस अवसर पर दिल्ली तेरापंथ जैन समाज के अध्यक्ष, गोबिंद बाफना, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष राजेश भंसाली, महिला मोर्चा दिल्ली अध्यक्ष पूनम झा, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री पूजा मिश्रा, मंत्री रीटा चौरडिय़ा, संयोजक सरिता चोपड़ा, निगम पार्षद कनिका जैन, तेजकरण सुराणा, सुखराज सेठिया, विमल जैन आदि समाजसेवियों ने भी महिला जैन समाज की रचनात्मक गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामोद्घार पर चित्र प्रदर्शनी व लघु प्रेरक नाटिका के कार्यक्रम हुए।

– चन्द्रमोहन आर्य