‘निर्यात सुधारने के लिए विदेश व्यापार नीति की समीक्षा जल्द’


नई दिल्ली: देश के निर्यात को बेहतर करने के लिए केन्द्र सरकार विदेश व्यापार नीति (एफ टीपी) की समीक्षा करेगी। समीक्षा के दौरान निर्यात के लिए बेहतर माहौल बनाने, निर्यातकों को आवश्यक साधन उपलब्ध कराने एवं लोन सहित विभिन्न पक्षों पर विचार किया जायेगा। इस बात की घोषणा मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने 37वें भारतीय अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के उद्घाटन अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि निर्यात में तेजी लाना सरकार का प्रमुख उद्देश्य है जिसके लिए विदेश व्यापार नीति की समीक्षा आवश्यक है। ये समीक्षा मध्यकालिक आधार पर होगी।

समीक्षा के बाद इसके आंकड़ों को जारी किया जाएगा। प्रभू ने कहा कि निर्यात के मामले में वाणिज्य मंत्रालय विभिन्न देशों के हिसाब से अलग-अलग नीति तैयार करने पर काम कर रहा है। हम अपना निर्यात बढ़ाना चाहते हैं लेकिन इसके साथ ही आयात को भी हतोत्साहित नहीं किया जा सकता। हम भारत की सकल आर्थिक वृद्धि और अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने पर जोर देंगे।

उन्होंने कहा कि पांच वर्षीय विदेश व्यापार नीति (2015-20) देश से माल एवं सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने की रूपरेखा प्रदान करती है। इसके साथ ही इससे रोजगार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी स्थल के रूप में विख्यात हो चुके प्रगति मैदान को नये सिरे से विकसित किया जा रहा है। दो साल में यह नये रूप में बनकर तैयार हो जायेगा।