बहुमुखी प्रतिभा की धनी थीं शुभ्रा मुखर्जी: अंसारी


नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने आज कहा कि बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न श्रीमती शुभ्रा मुखर्जी ने कला के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट छाप छोडऩे के साथ ही पत्नी और मां के रूप में अपने दायित्व का भली प्रकार निर्वाह करते हुए देश की पहली महिला नागरिक के दर्जे को गौरव और गरिमा प्रदान की।

श्री अंसारी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में सुश्री संगीता घोष की अंग्रेजी और बांग्ला में प्रकाशित पुस्तक’प्रेजिडेंट्स लेडी(प्रणबेर प्रेयोसी) का विमोचन कर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को उसकी पहली प्रति भेंट करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीमती मुखर्जी संगीत की संरक्षक और प्रस्तोता होने के साथ ही चित्रकार, लेखक, अध्यापिका और एक मां तथा उस व्यक्ति की हृदय संगिनी थीं जिनसे हमारे देश का सर्वोच्च पद सुशोभित है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में श्रीमती मुखर्जी के समधुर, मानवीय और विलक्षण व्यक्तित्व का वर्णन है और यह उस विशिष्ट और प्रतिभाशाली व्यक्ति के प्रति उपयुक्त श्रद्धांजलि है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भी बड़ा उपयुक्त अवसर है कि पुस्तक का लोकार्पण श्री मुखर्जी के विवाह की वर्षगांठ पर किया जा रहा है। उन्होंने पुस्तक की लेखिका संगीता घोष और उनकी सहायक शायेरी घोष को पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि इसमें श्रीमती मुखर्जी के परिचित लोगों पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर, श्रीमती शीला दीक्षित और परिवार के अन्य सदस्यों का भी उल्लेख किया गया है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि वह पुस्तक की लेखिका सुश्री घोष और इस पुस्तक का प्रकाशन करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमती मुखर्जी घरेलू महिला थीं लेकिन उनकी संगीत- विशेषकर रवीन्द, संगीत और चित्रकला में बहुत दिलचस्पी थी। वह राजनीति में नहीं होने के बावजूद कई राजनीतिक शख्सियतों को जानती थीं लेकिन उन्होंने संगीत, चित्रकला तथा लेखन तक अपने को सीमित रखा। श्री मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने रवीन्द, संगीत को गैर बंगाली श्रोताओं तक पहुंचाने की कोशिश की।