स्कॉलरशिप न बांटने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई


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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के अधिकारी किस प्रकार लापरवाही करते हैं इसका जीता-जागता उदाहरण सरकार द्वारा दी जाने वाले स्कॉलरशिप में देखने को मिला है। बीते दो सालों में दिल्ली सरकार ने एक भी छात्र को स्कॉलरशिप नहीं दी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल को इसकी जानकारी जनता संवाद के जरिए मिली। जानकारी मिलने पर सीएम ने जानकारी मांगी तो पता चला कि लगभग पांच लाख छात्रों को स्कॉलरशिप दी जानी चाहिए थी, जोकि अब तक एक भी छात्र को नहीं दी गई है। केजरीवाल ने इसके लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच करने की मांग की है कि आखिर क्या वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने डायलॉग एवं डेवलेपमेंट कमीशन से छात्रों को मिलने वाली स्कॉलरशिप को लेकर रिपोर्ट मांगी थी।

जिसमें सामने आया कि लगभग पांच लाख छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं दी जा रही है। केजरीवाल ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कहा है कि ‘मैं खुद कॉलेज में स्कॉलरशिप के सहारे पढ़ता था, मुझे पता है कि 15 दिन भी अगर स्कॉलरशिप आने में देर हो जाती थी तो कितनी समस्या होती थी। ऐसे में इन छात्रों का दर्द मैं समझ सकता हूं।’ केजरीवाल ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मांग की है कि इस लापरवाही के लिए उन अधिकारियों से जवाब मांगा जाना चाहिए कि आखिर क्यों उन्होंने स्कॉलरशिप देने में देरी की। पांच जुलाई तक सभी अधिकारी इस बाबत जवाब दें। केजरीवाल ने लिखा है कि 15 जुलाई तक चाहे रात के 12 बजे तक काम करना पड़े, सभी छात्रों को स्कॉलरशिप मिल जानी चाहिए। केजरीवाल ने हैरानी जताई कि आखिर अभी तक क्यों एक बार भी क्यों नहीं यह मामला किसी अधिकारी ने मंत्री के सामने उठाया और न ही मंत्री ने इस ओर ध्यान दिया।