वायु प्रदूषण: हाईकोर्ट ने केंद्र व पड़ोसी राज्यों से मांगा जवाब


नई दिल्ली: हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और कई उत्तरी राज्यों से पूछा है कि पटाके और ठूंठ जलाने की वजह से बढ़ रहे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं। न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट और न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने केंद्र और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सरकार को हलफनामा के रूप में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके पूर्व के आदेश के अनुपालन की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं इसका जवाब दें। हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष साल के अंत में पड़ोसी राज्यों को निर्देश दिए थे कि पतझड़ और शरद ऋतु में ठूंठ जलाने की प्रवृति पर रोक लगाएं।

साथ ही दिवाली के अवसर पर पटाकों के जलाने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा कि 18 जुलाई को ठूंठ जलाने और पटाके जलाने के मामले की सुनवाई करेगी। पतझड़, दिवाली और शरद ऋतु को ध्यान में रखते हुए। क्योंकि ऐसा देखा गया है कि इस दौरान वायु प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक खतरनाक स्तर पर होता है। अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को भी इस मामले में पार्टी बनाते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई तय कर दी। वायु प्रदूषण की समस्या को देखते हुए अदालत की ओर से स्वत: संज्ञान लेते हुए दायर जनहित याचिका पर खंडपीठ सुनवाई कर रही थी।