भाजपा ने तोड़ी मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारी की कमर: माकन


नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के विरोध में दिल्ली कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। संसद घेराव की तैयारी के साथ जंतर-मंतर पहुंचे कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर से आगे नहीं बढऩे दिया गया। इस दौरान कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं तथा व्यापारियों ने हाथों में झंडे बैनर व नारों वाले होर्डिंग लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस के जीएसटी और मोदी सरकार के जीएसटी में जमीन आसमान का अंतर है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जीएसटी में 14 प्रतिशत की आउटर लिमिट थी और हमारा उद्देश्य था एक देश और एक कर जिसके द्वारा हम पूरे देश में समान कर प्रणाली स्थापित करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने जीएसटी में रोटी, कपड़ा और मकान पर कोई कर नहीं लगाना चाहती थी। माकन ने कहा कि दूसरी ओर मोदी सरकार का जीएसटी है जिसमें 6 स्लैब तथा 40 प्रतिशत के कर की आउटर लिमिट दी गई है जिसने मध्यमवर्गीय व छोटे व्यापारियों के साथ-साथ सामान्य लोगों की भी कमर तोड़ दी है, क्योंकि मोदी सरकार का जीएसटी केवल और केवल उनके बड़े मित्र उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है।

कांग्रेस द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन से कांग्रेस के पूर्व विधायकों और मंत्रियों का धड़ा दूर रहा। जहां एक ओर टीम माकन के सिपाही पूरे लाव लश्कर के साथ प्रदर्शन में पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल, पूर्व सांसद कपिल सिब्बल, संदीप दीक्षित, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. योगानंद शास्त्री, पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान, रमाकांत गोस्वामी, मंगतराम सिंघल समेत बड़ी संख्या में कई ऐसे कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने इस प्रदर्शन से दूरी बना कर रखी। इससे साफ हो गया है कि निगम चुनावों से पहले प्रदेश कांग्रेस में पड़ी फूट अभी तक पूरी तरह से भर नहीं पाई है। कांग्रेस का धड़ा लगातार प्रदेश के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए है।