उपराज्यपाल से मिले भाजपा नेता


नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली कंपनियों की दरों को कम करने के लिए भाजपा ने उपराज्यपाल की शरण ली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने उपराज्यपाल से कहा कि दिल्ली में निजी बिजली वितरण कंपनियों, अरविन्द केजरीवाल सरकार एवं दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग के बीच सांठगांठ से बिजली की दरों में वृद्धि की संभावना है। उपराज्यपाल से मांग की बिजली कंपनियों एवं सरकार की सांठगांठ से चल रही धांधलियों पर डीईआरसी की धारा 108 के दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग को मल्टी ईयर टैरिफ एवं रिटर्न ऑन इक्विटी के मामलों में जनसुनवाई दोबारा करने के निर्देश दें।

उन्होंने उपराज्यपाल को बताया कि 2002 एवं 2007 में बैंक ऋण दर 15 प्रतिशत थी और इक्विटी 16 प्रतिशत दी गई थी पर आज 2017 में बैंक ऋण ब्याज दर घटकर सिर्फ 6 प्रतिशत रह गई है। लेकिन बिजली कंपनियों पर केजरीवाल की मेहरबानी के चलते आज भी केजरीवाल सरकार 14 प्रतिशत की दर पर इक्विटी रिटर्न दे रही है। केवल इक्विटी पर अधिक ब्याज की इस धांधली के चलते दिल्ली की जनता पर 600 करोड़ रुपये का वार्षिक अतिरिक्त भार पड़ रहा है।