बिल्डर फ्लैटों से मजबूत है डीडीए का आशियाना


पश्चिमी दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए)ने आज एक बार फिर दावा किया कि हाउसिंग स्कीम-2017 के तहत आवंटित होने वाले फ्लैट न सिर्फ सर्वसुविधा युक्त हैं, बल्कि बिल्डरों के फ्लैटों के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत और अच्छी गुणवत्ता वाले हैं। इतना ही नहीं, डीडीए ने कहा कि फ्लैट बिलिंडग भूकंपरोधी हैं। इस कारण नहीं होगा कोई नुकसान। डीडीए के प्रधान आयुक्त (हाउसिंग)जे.पी. अग्रवाल, इंजीनियर मेंबर डॉ. महेश कुमार तथा हाउसिंग निदेशक आर. के. मल्होत्रा ने संयुक्त रूप से कहा कि फ्लैट तभी आवंटित किए जायेंगे, जब ड्रा में सफल आवेदक संतुष्ट होंगे। इधर डीडीए अधिकारी लाख बड़े-बड़े दावे कर लें लेकिन सच्चाई यह है कि अब लोग डीडीए के फ्लैटों में रूची नहीं ले रहे हैं।

शुक्रवार को संवाददाताओं के बीच उपरोक्त अधिकारियों ने डीडीए के फ्लैट महंगे होने के सवाल पर कहा कि डीडीए सोसायटी में खुला क्षेत्र सबसे ज्यादा है। हरियाली को बढ़ावा दिया गया है। फ्लैटों में कहीं से भी कोई दरार व अन्य लिकेज नहीं है। उन्होंने कहा है कि इस बार पूरी जांच-परख कर इस स्कीम को लांच किया गया है। आवेदकों को जब फ्लैट आवंटित होंगे तो उन्हें कोई शिकायत नहीं मिलेगी। रोहिणी इलाके के सेक्टर-35 में स्थित डीडीए फ्लैटों में कोई सुविधा न होने तथा लोगों को भारी दिक्कत का सामना करने के मामले में अधिकारियों ने कहा कि डीडीए के नए फ्लैट दूरदराज के क्षेत्र में बन रहे हैं इसलिए बसावट न होने के कारण थोड़ी परेशानी हो सकती है लेकिन अब इसमें भी परिवर्तन हो रहा है। पहले से स्थिति काफी अच्छी हो गई है। हालांकि अधिकारियों ने पत्रकारों के कई ऐसे सवाल थे, जिनका वे पूरी संतुष्टता से जवाब नहीं दे सके।

पेयजल व्यवस्था: उन्होंने बताया कि सुविधाओं के मामले में जल्द ही पेयजल की व्यवस्था होने वाली है। दिल्ली जल बोर्ड से बात हो चुकी है और जल बोर्ड ने पानी के लिए लाइन बिछाने व आपूर्ति करने की हामी भर दी है। रोहिणी व नरेला में इसकी सबसे पहले व्यवस्था होगी।

बिजली व्यवस्था: आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि स्कीम में शामिल सभी फ्लैटों में बिजली की पूरी व्यवस्था है। उन्होंने माना की फ्लैट क्षेत्र के बाहर बिजली नहीं है। सड़क पर बिजली व्यवस्था के लिए कार्य चल रहा है।

60 हजार फार्म बिके: संवाददााताओं के समक्ष उपरोक्त अधिकारियों ने बताया अभी तक विभिन्न बैंकों और डीडीए मुख्यालय से 60 हजार आवेदन फार्म बिक चुके हैं तथा ऑनलाइन 2 लाख आवेदन फार्म लोग हिट कर चुके हैं। इसके अलावा अभी तक 5500 फार्म जमा हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार जिन लोगों को घर की जरूरत है वही आवेदन कर रहे हैं। खरीद-फारोख्त करने वाले इस बार स्कीम से दूर हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अवासीय योजना के उनके सभी 12 हजार फ्लैट बिक जायेंगे।

दो बैंक करेंगे फाइनेंस: प्रधान आयुक्त जे पी अग्रवाल ने बताया कि अभी तक दो बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई ने फाइनेंस करने का निर्णय लिया है। इन बैंकों ने 2 लाख रुपये पर 6 हजार रुपये ब्याज का लेना तय किया है। हालांकि अभी यह सुविधा उन्हीं आवेदकों को होगी, जिनका इन बैंकों में खाता है। बाहरी आवेदकों के लिए अभी बैंकों ने कोई निर्णय नहीं लिया है।

आवंटी कभी भी बेच सकते हैं फ्लैट: इस बार इस आवासीय योजना में पांच वर्ष तक फ्लैटों के खरीद-फोरख्त न करने की शर्त हटा ली गई है। अग्रवाल ने बताया कि इस कारण आवेदकों को फ्लैट में नहीं रहना है तो वे बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवासीय योजना 2014 में यह शर्त रखी गई थी लेकिन उस योजना में भी इस शर्त को रद्द कर दिया जायेगा। हालांकि इसको अमली जामा वर्तमान स्कीम के ड्रा के बाद दिया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि इस हाउसिंग स्कीम में तकरीबन 12 हजार से ज्यादा फ्लैटों को शामिल किया गया है, जिनमें 10 हजार 700 फ्लैट 2014 हाउसिंग स्कीम के हैं, जिसे लोगों ने लेने से मना कर दिया। इनमें ज्यादातर एलआईजी फ्लैट हैं। अधिकारियों का कहना है कि फ्लैटों में मांग के अनुसार सुधार किया गया है। इन फ्लैटों को नई स्कीम में शामिल किया गया है। स्कीम में लगभग 1500 नए एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी फ्लैट शामिल किए गए हैं। नए फ्लैट रोहिणी,द्वारका नरेला के हैं।

– जे.के. पुष्कर