वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही भारत की स्थिति से घबरा रहा चीन


नई दिल्ली: सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर चीन भले ही अडिय़ल रुख अपनाकर भले भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है लेकिन वास्तव में चीन के अंदरूनी हालात ऐसे नहीं है कि वह भारत से युद्ध कर पाने की स्थिति में हो। एशिया में और विश्व पटल पर लगातार बढ़ती भारत की साख से चीन घबराया हुआ है। चीन अंदरूनी तौर पर मंदी के साथ-साथ महंगाई से भी जूझ रहा है। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक और वरिष्ठ अर्थशास्त्री अश्विनी महाजन का कहना है कि चीन को सबसे बड़ा डर यह है कि उस पर आर्थिक प्रतिबंध न लग जाए। इसलिए वह अक्सर गीदड़ भभकी देता रहा है।

चीन अपने यहां महंगाई और मंदी दोनों चीजों से जूझ रहा है। जहां चीन में कुछ समय पहले तक मजदूरी की दर 850 प्रति युआन थी वह अब बढ़कर 1500 युआन हो गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो चीन ने काफी ग्रोथ की लेकिन अब क्या ? इंफ्रास्ट्रक्चर की भी एक लिमिट है। चीन ने ऐसी-ऐसी जगह सड़कें बना दी जहां कोई नहीं रहता। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन नहीं चाहता कि उसके नागरिक दूसरे देशों के नागरिकों से जुड़ें। इसलिए वहां फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल साइटें बैन हैं। गूगल भी चीन में नहीं चलता। दरअसल उसे यह भी डर है कि यदि चीन में लोकतंत्र की मांग उठी तो वह उसे दबा नहीं पाएगा।

– आदित्य भारद्वाज