कोयला घोटाला : गोंडवाना इस्पात के निदेशक को चार साल की सजा


coal scam

एक विशेष अदालत ने कोयला घोटाले से जुड़े एक मामले में आज गोंडवाना इस्पात लिमिटेड के निदेशक को चार साल की सजा सुनायी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पराशर ने कंपनी के निदेशक अशोक डागा पर एक करोड़ रूपये तथा कंपनी पर 60 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश भरत पराशर कोयला घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। अदालत ने डागा तथा कंपनी को महाराष्ट्र में माजरा कोयला ब्लॉक प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी करने और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था और उसके बाद से ही वह 27 अप्रैल से हिरासत में हैं।

डागा और कंपनी को भादंसं की धारा 120- बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी करार दिया गया। गोंडवाना इस्पात को 2003 में माजरा कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया था और 2014 में एक FIR दर्ज की गई थी। सीबीआई ने यह आरोप भी लगाया था कि जांच के दौरान यह पता लगा कि 2003 में कोयला ब्लाक के आवंटन के बाद डागा ने कोयला मंत्रालय को हलफनामा दिया था कि वह वहां एक संयंत्र लगाएंगे या इसका विस्तार करेंगे और कोयला खान का विस्तार करेंगे। लेकिन उन्होंने 2005 में भारी मुनाफा कमाकर कंपनी नंद किशोर सारदा को बेच दी।

24X7  नई खबरों से अवगत रहने के लिए यहाँ क्लिक करें।