ससंद में आतंकवाद छोड़ कर कांग्रेस उठाती है सांप्रदायिक मुद्दे : भाजपा


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नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर आज आरोप लगाया कि वह संसद में’सांप्रदायिक एवं जातिवादी मुद्दों को बहस के केन्द, में लाने की जी-तोड़ कोशिश कर रही है, ताकि संसद के मानसून सत्र में कामकाज को बाधित किया जा सके। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने संसद की कार्यवाही को बाधित करने के लिए 32 पृष्ठों का एक डोत्रयिर तैयार किया है।

श्री पात्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने कहा था कि सभी पार्टियों को एक साथ आना चाहिये। उन्होंने कहा है- वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का मतलब होना चाहिये ग्रोइंग स्ट्रॉन्गर टुगेदर लेकिन कांग्रेस ऐसे सभी मुद्दे उठाने की कोशिश कर रही है जो सांप्रदायिक या जातिवादी हैं। डॉ. पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार हताश और कुंठित होती जा रही है क्योंकि वह 2014 के बाद से लगातार चुनाव हार रही है।

उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक मुद्दों को उठाने के कांग्रेस के लोकतांत्रिक अधिकार पर सवाल नहीं उठा रहे हैं लेकिन उसके नेता जिस तरीके से मुद्दे उठाने की योजना पर काम कर रहे हैं उससे उनके गलत इरादे उजागर होते हैं। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र की असली कहानी मुद्दों की प्राथमिकता तय करने में निहित है। अगर आम लोगों से पूछा जाये तो संसद में बहस की उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता आतंकवाद होगी।

उन्होंने कहा लेकिन कांग्रेस ने अपने मुद्दों को इस प्रकार से सूचीबद्ध किया है कि पहले पांच या छह मुद्दे, जिन्हें वह उठाना चाहती है या तो सांप्रदायिक हैं या जातिवादी। इसे भारत को बांटने की साजिश के तौर पर भी देखा जा सकता है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की रणनीतिक टीम ने गौरक्षक एवं उसके नाम पर कथित हत्याओं के आधार पर सांप्रदायिक एवं जातिवादी तर्कों को गढऩे का प्रयास किया है। उसका एक डोत्रयिर तैयार किया गया है।