प्राइमरी स्कूल से आगे निकलेगा निगम


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नई दिल्ली: प्राइमरी एजुकेशन का स्तर सुधारने और निगम विद्यालयों में छात्रों का रुझान बढ़ाने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम अपने अंतर्गत आने वाले प्राइमरी स्कूलों का लेवल अपग्रेड करने जा रहा है। निगम स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक शिक्षा दी जाती है। निगम की योजना के अनुसार हर जोन में एक स्कूल में छठी से आठवीं तक की शिक्षा भी दी जाएगी। निगम का मानना है कि ऊना और गुजरात में जिस प्रकार वहां के नगर निगम के स्कूलों में आठवीं और 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है, उसी प्रकार दिल्ली के भी नगर निगम स्कूलों में उच्च शिक्षा दी जा सके।

हर जोन के एक स्कूल में शुरू होगा प्रोजेक्ट
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के स्थाई समिति अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आम तौर पर अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा एक ही बार में 12वीं तक के स्कूल में पढ़ाई करे। इस वजह से पिछले कुछ दिनों में निगम विद्यालयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में कमी देखी गई थी। जिसके बाद हमने यह फैसला लिया है कि हर जोन में पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक स्कूल में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। गुप्ता ने बताया कि इसके लिए हमारे पास पर्याप्त स्टॉफ हैं हमें सिर्फ लाइब्रेरी और कुछेक अतिरिक्त कमरे बनाने पड़ेंगे, जिसके हम तैयार हैं। निगम की ओर से इस पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में लिए जाने वाले स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई होगी और निगम की कोशिश है कि लड़कियों के स्कूलों को पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जाए।

दिल्ली सरकार के स्कूलों से ली जाएगी टक्कर
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति में स्कूलों में शिक्षा का लेवल बढ़ाने के लिए प्रस्ताव ऑन टेबल लाया गया था, जिसे सभी सदस्यों की सर्व सम्मति से पास कर दिया गया है। स्थाई समिति अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि हम चाहते हैं कि हम दिल्ली सरकार से टकराव करने की बजाय उनसे गुणवत्ता के मामले में टक्कर लें। गुप्ता ने बताया कि हाल ही में उन्होंने निगम के सभी स्कूलों में एलईडी लाइटें लगाने के लिए अपने फंड से तीन करोड़ रुपये जारी किए हैं, इससे निगम के अंतर्गत आने वाले सभी 548 स्कूलों में लाइटें बदलने का काम किया जा रहा है।

– सज्जन चौधरी