‘दिल्ली सरकार जानबूझ कर मेट्रो प्रोजेक्ट में कर रही है देरी’


नई दिल्ली: दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार जानबूझ कर मेट्रो प्रोजेक्ट में देरी कर रही है क्योंकि वे मेट्रो प्रोजेक्ट में दिल्ली के हिस्से का पैसा नहीं दे रही है। जबकि दिल्ली में लोग यातायात की चरमराई व्यवस्था से परेशान हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो विस्तार का तीसरा चरण सितम्बर 2016 तक पूरा होना था, जबकि इसकी समय सीमा 2018 तक बढ़ा दी गई है।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि कोची, चेन्नई, बैंगलुरू आदि शहरों में जहां मेट्रो रेल केन्द्र व राज्य सरकारों का जाइंट वेंचर है और राज्य सरकारों ने राज्य का हिस्सा तथा अपने हिस्से का सबओर्डिनेट कर्जा दिया है व दिल्ली सरकार द्वारा अपने हिस्से का पैसा माफ करने की मांग सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार 15 वर्षों तक रही परंतु पैसे की कमी की वजह से मेट्रो प्रोजेक्टों में कभी भी देरी नहीं आई।

मुखर्जी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार का यह कहना कि केन्द्र व राज्य सरकारों के जीएसटी में कर विभाजन के कारण त्रुटिपूर्ण बन गया है जो एक खोखली दलील है जबकि जीएसटी का प्रभाव सभी राज्यों पर एक जैसा पड़ेगा, इसलिए दिल्ली सरकार को किसी भी प्रकार का विशेष सहुलियत दिए जाने का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि यद्यपि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जीएसटी काउंसिंल के सदस्य थे परंतु उन्होंने काउंसिंल की बैठकों में यह सभी मुद्दे नहीं उठाए थे जो कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार का अपने हिस्से का पैसा न देने के बेबुनियादी तर्कों के खोखलेपन को दर्शाता है।