दिल्ली हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड को लगायी फटकार


नई दिल्ली: हाईकोर्ट ने बुधवार को वक्फ बोर्ड को फटकार लगायी है। अदालत ने राजधानी में एक संरक्षित स्मारक के अंदर शैक्षिक और धार्मिक गतिविधियों को अनुमति देने संबंधी शरारतपूर्ण रवैये पर बोर्ड की खिंचाई की। न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने बोर्ड को जिम्मेदार ठहराते हुए अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि वह भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को अतिक्रमण हटाने में सहयोग करें। दिल्ली के गियास-उद-दीन बलबन की मामलुख वंश के नौवें सुल्तान के बेटे शाहिद खान की कब्र से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। कुछ ऐसा है जो वहां नहीं था उसे आप (वक्फ) होने की अनुमति दे रहे हैं। आपने शरारत का कारण बनाया। आप स्मारक में परिवर्तन की अनुमति नहीं दे सकते हैं।

मस्जिद, इमाम मदरसा कहां जाएंगे जब स्मारक के संरक्षण और दुरूस्त करने का काम चलेगा? यदि आप यहां लोगों को रहने देंगे तो यह जगह गंदा हो जाएगा। अदालत ने बोर्ड की इस दलील को खारिज कर दिया कि यहां अतिक्रमण और नये निर्माण को लेकर वह अंधेरे में था और इमाम की नियुक्ति 2014 में हुई थी। अदालत ने कहा कि आप हमारी आंख में धूल झोंकने की कोशिश मत करो। यह सख्त टिप्पणी अदालत ने तब की जब एएसआई व इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटाक) ने अदालत को बताया कि स्मारक के भीतर अतिक्रमण था।

स्मारक को दुरूस्त करने के बाद बोर्ड को सौंप दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि बोर्ड को कानूनी अधिकार होगा लेकिन जो कुछ वहां हो रहा है उसकी अनुमति नहीं होगी क्योंकि विशेष रूप से विचारणीय रुपये इसके संरक्षण और दुरूस्त करने में खर्च होंगे। अदालत ने एएसआई को निर्देश दिया कि वह स्मारक परिसर से अतिक्रमण हटाए और इसे संरक्षित और दुरूस्त करें। साथ ही इसमें बाड़ लगाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाए।