GST के भी दायरे में लाये डीजल,पेट्रोल : राकांपा


नई दिल्ली :  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी से पेट्रोलियम उत्पादों को भी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की आज मांग की। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने यहां एक बयान में कहा कि यदि देश में एक कर एक बाजार का प्रयोजन के मकसद से जीएसटी को लाया गया है तो पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे से अलग क्यों रखा गया। इससे यह आशंका उत्पन्न होती है कि सरकार ने बड़े धन्ना सेठों को लाभ पहुंचाने के लिये पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी से बाहर रखा है।

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श्री गुप्ता ने कहा कि पूरे देश में लगभग प्रत्येक वर्ग पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करता है। पेट्रोल और डीजल पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क 23 और राज्यों का वैट 34 प्रतिशत है जिसका कुल योग 57 प्रतिशत होता है। जीएसटी में कर की अधिकतम दर 28 प्रतिशत रखी गयी है। सरकार को दोनों ईंधनों को भी जीएसटी के दायरे में लाना चाहिये, जिससे लोगों को इनकी कीमतों में आने वाली गिरावट का फायदा मिले। उन्होंने कहा कि सरकार आधे अधूरे ढंग से जीएसटी जरुर लागू कर रही है, लेकिन उसकी नीयत पर संदेह होता है।