DUSU छात्र संघ चुनाव मतदान खत्म, नतीजे आज


उत्तरी दिल्ली, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए मंगलवार को वोट डाले गए। इस दौरान 51 कॉलेजों के छात्रों ने अपने मत का प्रयोग किया। डीयू के दोनों साउथ व नॉर्थ कैंपस के साथ बाहरी कॉलेजों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान खासतौर पर फस्र्ट ईयर के छात्र अपने मतदान को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दिए। नॉर्थ कैंपस में पुलिस सहित अद्र्धसैनिक बल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुश्तैद नजर आई। वहीं, डीयू से संबद्ध कॉलेज यूनियन के चुनावों का परिणाम मंगलवार देर रात तक घोषित कर दिया गया। गौरतलब है कि डूसू पैनल के लिए इस बार डूसू 24 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 10 उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए खड़े हैं।

हालांकि मुख्य मुकाबला एनएसयूआई व एबीवीपी के बीच ही है। कॉलेज प्रशासनों ने भी मंगलवार को मतदान के मद्देनजर पूरी व्यवस्था कर रखी थी। भीड़ ज्यादा होने पर वेटिंग की व्यवस्था भी कॉलेजों में की गई थी, जिससे छात्रों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। डूसू चुनावों में इस बार केवल मुद्दों की लड़ाई देखने को मिली। इस बार का चुनावी प्रचार बेहद शांतिपूर्ण ढ़ंग से रहा। ऐसे में छात्र संगठन भी केवल जीत की अटकले लगाते नजर आये। मतदाताओं का रूझान किस तरफ है, इस बार कहा नहीं जा सकता। हालांकि मंगलवार को मतदान के दौरान मार्निंग कॉलेजों में सुबह 10 बजे के बाद वोटिंग में तेजी आई। बता दें कि डूसू चुनावों के लिए मतगणना आज सुबह आठ बजे से किंग्जवे कैंप स्थित पुलिस लाइन के कम्यूनिटी सेंटर में की जाएगी। दोपहर बाद तक ही डीयू छात्रसंघ चुनाव के पैनल की स्थिति पूरी तरह से साफ हो पाएगी।

निर्विरोध हुआ पीजीडीएवी में चुनाव… पीजीडीएवी कॉलेज में स्टूडेंट यूनियन का चुनाव इस बार निर्विरोध हुआ। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि हमने वहां ओपन डिबेट रखी थी, जिसके बाद सभी उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लेने की आखिरी तारिख के दिन अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। इसी वजह से यहां एक-एक उम्मीदवार प्रत्येक सीट पर रहे जो कि निर्विरोध जीत गए।

…लगी सचिव की बैलेट
रामजस कॉलेज में चुनाव होने के बाद भी प्राचार्य का दफ्तर दस बजे के बाद खुला। इससे छात्रों में काफी रोष दिखा। वजह ईवीएम में कल्चरल सेक्रेटरी की बैलेट नहीं लगाया जाना रहा।

हाईकोर्ट ने दी इजाजत… डूसू चुनाव में पारदर्शिता का अभाव बताकर एनएसयूआई द्वारा पेटिशन दायर की गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने डूसू का रिजल्ट सीलबंद मांगा था। लेकिन डीयू प्रशासन की अपील के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने नतीजे जारी करने का आदेश जारी कर दिया।