पुराने जोनों के आधार पर ही होगा चुनाव


पश्चिमी दिल्ली: वार्डों के परिसीमन मामले में निगम की सत्ता में आसीन भाजपा ने यू-टर्न ले लिया है। साथ ही नए जोन केशवपुरम के गठन को लेकर भी मामला ठंडा पड़ सकता है। दरअसल, निगम की सत्ता में काबिज भाजपा ने यू-टर्न लेते हुए मौजूदा जोनों (पुराने जोन) पर ही चुनाव कराने का फैंसला किया है। जल्द ही पुराने जोनों के आधार पर स्टैंडिंग कमेटी समेत दूसरी कमेटियों का गठन किया जाएगा। बता दें कि निगम के नेताओं की सिफारिश पर कमिश्नर ने सिटी और सदर-पहाडग़ंज जोन को मिलाकर एक करने और केशवपुरम के नाम से एक नया जोन बनाने का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को भेजा था।

जानकारी के मुताबिक भाजपा नेताओं ने नॉर्थ एमसीडी कमिश्नर प्रवीण कुमार गुप्ता को पत्र लिखकर पुराने वार्ड और जोनों पर चुनाव कराने की इजाजत मांगने को कहा है। कमिश्नर अब इस विषय पर कानूनी राय लेकर जल्द ही दिल्ली सरकार से पुराने जोनों पर चुनाव कराने की इजाजत मांगेगे। सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही तीनों नगर निगमों के स्टैंडिंग कमेटी और वार्ड कमेटियों के गठन का रास्ता साफ होने की संभावना है। इसके साथ ही इन कमेटियोंं के चेयरमैन भी चुने जा सकेंगे। केशवपुरम नाम से जोन बनाने संबंदी प्रस्ताव की फाइल दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्रालय में लटकी पड़ी है। सरकार के निर्णय न लेने से तीनों नगर निगम की वैधानिक कमेटियों समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पद निगम चुनाव के बाद से ही खाली पड़े हैं।

इन खाली पड़े पदों में स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन, एजुकेशन कमेटी चेचरमैन, डेम्स चेयरमैन शामिल हैं। निगम के जोन सीमा निर्धारण संबंधी प्रस्ताव को शहरी विकास मंत्रालय से मंजूरी मिलने में देरी के चलते भाजपा अब पुराने वार्डों और जोनों पर ही चुनाव कराने पर जोर दे रही है। अभी तक इन पदों के चुनाव ही नहीं कराया जा सका है। जिसके कारण निगम के कामकाज जस के तस पड़े हैं। इस बाबत कई बार निगम की ओर से दिल्ली सरकार को अवगत कराया जा चुका है। इस पुरे मामले पर नॉर्थ एमसीडी के नेता विपक्ष व राकेश कुमार ने तंज कसते हुए कहा है कि लौट के बुद्धु घर को आए।