फेरा मामला : अदालत में पेश नहीं होने पर अभिषेक वर्मा को मिली छह महीने की सजा


नयी दिल्ली : विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (फेरा) 1999, के उल्लंघन मामले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कई समन के बाद भी पेश नहीं होने पर दिल्ली की एक अदालत ने विवादास्पद हथियार डीलर अभिषेक वर्मा को छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। हालांकि, ईडी के वकील एन के माट्टा ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिट्रन मजिस्ट्रेट ज्योति कलेर ने पाया कि दोषी पहले ही जेल में इतना समय काट चुका है ऐसे में उसे रिहा कर दिया गया। अदालत ने वर्मा पर 2,000 रऊपये का जुर्माना भी लगाया। बहस के दौरान माट्टा ने बताया कि वर्मा द्वारा समन की अवहेलना किये जाने के कारण जांच रूक गयी है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जांच के सिलसिले में 14 दिसंबर 1999 को वर्मा की उपस्थिति को लेकर अदालत में एक आवेदन पत्र दायर किया गया था। इसमें बताया गया है कि वह जानबूझ कर उपस्थित नहीं हुआ और इसलिए उसने विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के तहत अपराध किया है। अब यह कानून समाप्त हो गया है।

ईडी ने एजेंसी के जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के लिए वर्ष 1999 में जुलाई और नवंबर के बीच वर्मा को भेजे गए सात समन का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में वर्मा के खिलाफ जनवरी 2005 में आरोप तय किए थे जिससे उसने इनकार कर दिया था और मुकदमे का सामना करने की बात कही थी। वर्मा के खिलाफ विभिन्न अदालतों में भ्रष्टाचार, धन शोधन और धोखाधड़ी के कई मामले चल रहे हैं।