संगठन मीटिंग का निष्कर्ष बाहर मिल, फिर बताता हूं…


नई दिल्ली: राजनीतिक पार्टियों की बैठकों में हुई चर्चा आम तौर पर गुप्त रखी जाती है, बैठकों में सदस्यों को गोपनीयता की शपथें दिलवाई जाती हैं, लेकिन दिल्ली कांग्रेस में इसका बिल्कुल उल्टा होता है। दिल्ली कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता को मीटिंग के बाद देख लेने और बाहर मिलने की धमकियां देते नजर आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में तिलक नगर जिले की बैठक में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। संगठनात्मक चुनाव के जिला प्रभारी मोहीउद्दीन भट्ट, जोकि जम्मू-कश्मीर से आए हैं, उनके सामने दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे को मां-बहन की गालियां बकते रहे, जिसके चलते बैठक को थोड़ी देर चलाने के बाद खत्म करना पड़ा।

मामला तब शुरू हुआ जब बैठक में कांग्रेस के निगम सुभाष नगर से पार्षद सुरेंद्र सेतिया को जिलाध्यक्ष बनाने की चर्चा तेज हुई। जैसे ही इस चर्चा ने जोर पकड़ा तुरंत प्रदेश में पूर्व सेके्रटरी रह चुके राजीव बहल विरोध में खड़े हो गए। राजीव बहल का कहना था कि सुरेंद्र सेतिया की पत्नी को पार्टी टिकट दे चुकी है, खुद सेतिया इस समय निगम पार्षद हैं और अब जिले का पद भी उन्हीं को देना बेमानी होगी। बहल का आरोप था कि पार्टी में सिर्फ पैसे वालों की सुनी जा रही है, जो कार्यकर्ता पार्टी की सदस्यता बढ़ा रहे हैं, दिन रात काम कर रहे हैं उन्हें कोई नहीं पूछ रहा।

राजीव बहल की बात सुनते ही जेपी पंवार खड़े हो गए और सेतिया के पक्ष में बोलने लगे कि सुरेंद्र सेतिया अपने इलाके में काम करवाते हैं और उनकी इलाके में छवि भी अच्छी है। पंवार का तर्क था कि सेतिया कांग्रेस संगठन को आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं। इस पर तिलक नगर जिल में बड़े पदाधिकारी महेंद्र खेड़ा भी खड़े हो गए और राजीव बहल का साथ देते हुए सेतिया के परिवार पर आरोप लगाना शुरू कर दिया।

इस दौरान तीनो कांग्रेसी नेता एक दूसरे को बाहर देख लेने की धमकी देते रहे और गंदी-गंदी गालियां बकने लगे। इन तीनों नेताओं को ऐसा व्यवहार देखकर बैठक में पहुंचे पूर्व विधायक दयानंद चंदेला, सीपी मित्तल समेत तमाम बड़े दिग्गज नेता बगले झांकने लगे। बड़ी मुश्किल से इन नेताओं को शांत करवा कर जल्द से जल्द भाषणबाजी की रस्म पूरी कर मीटिंग को निपटाया गया। बैठक में झगड़े की खबर प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन तक पहुंच चुकी है और उम्मीद की जा रही है कि माकन जल्द ही कोई एक्शन लेंगे।

– सज्जन चौधरी