बेहतर मिड-डे मील के लिए सरकार ने कसी कमर


नई दिल्ली: मिड डे मील में आए दिन मिलने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। इसके लिए दो चरणों में दिल्ली के छात्रों को बेहतर मिड डे मील प्रोवाइड किया जाएगा। विधानसभा में मिड डे मील पर चर्चा करते हुए तमाम विधायकों ने मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए, खुद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी स्कूलों में खराब मिड डे मील परोसे जाने की बात कही। चर्चा के जवाब में मनीष सिसोदिया ने बताया कि जल्द ही अक्षय पात्र फाउंडेशन की मदद से आने वाले दिनों में स्कूलों में छात्रों को बेहतर मिड डे मील दी जाएगी। सिसोदिया ने बताय कि संस्था के आधुनिक उपकरण व अनुभवी सेवा भाव की मदद से प्राथमिक स्तर पर 40 हजार बच्चों को और दूसरे स्तर में 1.5 लाख बच्चों को मिड डे मील की सुविधा दी जानी है।

उन्होंने कहा कि इस संस्था को रसोई घर के लिए जगह उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पूर्व एलजी नजीब जंग ने इस संस्था को जमीन देने से मना कर दिया था। सिसोदिया ने सदन को बताया कि पूर्व एलजी नजीब जंग चाहते थे कि महज इस सरकार के कार्यकाल के लिए संस्था को जमीन दी जाए। सिसोदिया ने बताया कि वर्तमान एलजी बैजल ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। हमें उम्मीद है कि एलजी जल्द इस दिशा में उचित निर्णय लेंगे। सिसोदिया ने कहा कि अभी ठेकेदारों के माध्यम से भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। इनकी गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पिछले दिनों एक जगह खाने में चूहा भी निकला था। इस घटना के बाद हमारी सरकार ने महज 24 घंटे के भीतर उक्त एजेंसी की सेवाएं बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ बेहतर स्वास्थ्य भी देना चाहती है और इसमें मिड डे मील की अहम भूमिका है।