जीटीबी अस्पताल: जाम और अतिक्रमण से लोग परेशान


पूर्वी दिल्ली: यमुनापार स्थित दिल्ली सरकार के सबसे बड़े गुरुतेग बहादुर अस्पताल में इलाज के लिए यमुनापार सहित उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज एवं उनके तीमारदार आते हैं। यहां रोजाना मरीजों की भारी भीड़ रहती है। इसके अलावा इसके सामने वाले मुख्य मार्ग पर भारी मात्रा में अतिक्रमण रहता है। जिससे यहां जबर्दस्त ट्रैफिक जाम लगा रहता है। इसके चलते अस्पताल में आने वाले लोगों तथा यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी काफी परेशानी होती है।

लोग इस अतिक्रमण एवं इससे लगने वाले जाम से इतना परेशान रहते हैं कि वे ई-रिक्शा या बस से जाने की बजाय मेट्रो स्टेशन तक करीब एक से ड़ेढ किलोमीटर के रास्ते को पैदल चलकर ही पार करना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा यहां आने वाले मरीज एवं उनके तीमारदार अस्पताल में आने के लिए मुश्किल से रोड पार कर पाते हैें। कुछ दिनों पहले ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने यहां कंकरीट के डिवाइडर लगाये थे। इसके बावजूद भी यहां जाम में कोई कमी नहीं आई। सीमापुरी से अक्सर यहां आने वाली सईदा बेगम ने बताया कि अस्पताल के बाहर दोनों और रेहड़ी-खोमचे वालों ने जबर्दस्त अतिक्रमण किया है।

रही-सही कसर ई-रिक्शा एवं ग्रामीण सेवा वालों ने पूरी कर दी। ई-रिक्शा तथा ग्रामीण सेवा वाले यहां अव्यवस्थित तरीके से अपने वाहन खड़े कर लेते हैं। जिससे अस्पताल में आने वालों को परेशानी होती है। अस्पताल का रास्ता अवरुद्ध हो जाने के कारण यहां से गुजरने वाला ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। कई बार जाम इतना भयंकर हो जाता है कि यहां से गुजरने वाली बस रूट संख्या 165 तथा 333 यहां की बजाय अन्य रास्तों से होकर गुजर जाती हैं। जबकि लोग यहां खड़े होकर घंटों बसों का इंतजार करते रहते हैं। अस्पताल में काम करने वाले एक निजी होम गार्ड ने बताया कि कई बार तो वे लोगों को रास्ता पार कराते हैं।