ILBS में हाईटेक पार्किंग-हेलीपैड


दक्षिणी दिल्ली: इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलीएरी साइंसेज (आईएलबीएस) दिल्ली का पहला सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है जहां हेलीपैड की सुविधा होगी। इमरजेंसी के वक्त यहां से हेलीकॉप्टर की सहायता से मरीजों को लाया और ले जाया जा सकेगा। अस्पताल के विस्तार के दूसरे चरण में दिल्ली सरकार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और अस्पताल के बीच करार हुआ है। जिसके तहत लगभग 500 करोड़ रुपए की लागत के तहत अस्पताल का विस्तार किया जाएगा, जिसमें अस्पताल में बेड की संख्या 155 से बढ़ाकर 549 करने का प्रावधान भी है।

नए सिरे से होगा विस्तार कार्य…
मनीष ने बताया कि संस्थान में फिलहाल 155 बेड हैं। फेज दो पूरा होने के बाद इनकी संख्या 549 हो जाएगी। कैबिनेट ने दूसरे फेज के तहत होने वाले विस्तार के बजट का भी पुनर्मूल्यांकन किया। इसमें 389 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 497.72 करोड़ रुपए कर दिया गया है। फेज दो के लिए डीएमआरसी, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य निदेशालय व आईएलबीस के बीच त्रिपक्षीय समझौता किया गया है। डिप्टी सीएम सिसोदिया ने बताया कि फेज दो पूरा होने पर बेड की संख्या बढऩे के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं मेें भी विस्तार होगा। इससे संस्थान सुपर स्पेशिलिटी सुविधाओं से लैस होगा। वहीं, शैक्षिक व प्रशिक्षण की सुविधाएं भी बढ़ेंगी। जबकि सेमी ऑटोमेटेड पार्किंग भी तैयार होगी।

लिवर मरीजों के लिए बड़ी राहत…
आईएलबीएस में दक्षिणी दिल्ली समेत पूरी दिल्ली से लिवर के मरीज पहुंचते हैं। लंबे समय से इस अस्पताल के विस्तार को लेकर मांग की जा रही थी। कैबिनेट मीटिंग में अस्पताल के विस्तार को मंजूरी देकर दिल्ली सरकार ने दिल्लीवालों को बड़ा तोहफा दिया है। इस अस्पताल में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। अस्पताल में हेलीपैड बनने से दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों को सुविधा दी जा सकेगी। लिवर ट्रासंप्लांट के मरीजों को कम समय में अस्पताल तक पहुंचने की जरूरत होती है। ऐसे में हेलीपैड बनाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।